अतरौलिया में कालेश्वर धाम, मार्टिनगंज में पातालपुरी में लगा श्रद्धालुओं का रेला, लोगों ने उठाया मेला का आनंद, कोयलसा समेत अन्य मंदिरों पर रही धूम धाम

आजमगढ़। विकास खण्ड कोयलसा के लिए विभिन्न जगहों पर महा शिवरात्रि के अवसर पर लोगों ने बाबा भोलेनाथ को बेर ,ईख, भांग, धतूरा, फूल फल आदि चढ़ाने का काम किया।कुवारी कन्यायों ने ब्रत रखा ।लोगों का मानना है शिव महा दानी है।सत्य ही सुंदर है। इस क्रम में में हिस्समुद्दीनपुर गांव में पुराने शिवाले पर,मिश्रौलिया गांव में दुर्गा जी के मंदिर पर कोयलसा बाजार में बाबा विसवेसर नाथ मंदिर पर तेरही गांव में  पुराने मंदिर पर तमाम जगहों पर महा शिवरात्रि का पर्व मनाया गया। अतरौलिया क्षेत्र चिस्तीपुर में कालेश्वर धाम में स्थित प्रसिद्ध कैलिया धाम मंदिर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की लगी भीड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र शिवलिंग पर जल दूध बेलपत्र  आदि से अभिषेक करते नजर आए और मंदिर के अगल-बगल मेले जैसा माहौल बना हुआ था  जिसमें छोटे बच्चे महिलाएं सभी लोग खरीदारी करते नजर आए । बता दें कि अतरौलिया ग्राम के चिस्तीपुर में कालेश्वर धाम मंदिर है हर साल के भांति महाशिवरात्रि पर स्थानीय लोगों द्वारा एक भव्य मेले का आयोजन किया जाता है भोलेनाथ की शिवलिंग पर जल वह दूध से अभिषेक किया जाता है इस पवित्र स्थान पर अगल-बगल के ग्राम वासियों द्वारा सुबह 4:00 बजे से लेकर शिवलिंग का अभिषेक करते नजर आते हैं। प्राचीनता एवं प्रसिद्धि के विषय में महराज बाल ब्रम्हचारी श्रीकान्त जी से पूछा तो उन्होंने बताया कि यह स्थान सतयुग या त्रेता युग के समय का ही है या यह कह लें कि अनादि काल से ही है क्योंकि गुरु परंपरा का पता बाबा अवध दास 1659 से चलता आ रहा है। बाबा अवध दास राजेसुल्तानपुर  जिला अम्बेडकरनगर के रहने वाले थे और वे यहाँ घनघोर जंगल में तपस्या किये जिनका गुरद्वारा उज्जैन शहर मध्य प्रदेश में है तथा समाधि  रामबागे घाट अम्बेडकर नगर में आज भी है। उनके शिष्य बाबा माधवदास(1716) कोईरी चोला स्थानीय दीनापट्टी अतरौलिया ही थे जिनकी समाधि स्थल वर्तमान में द्वारिकापुरी में है। इन्हीं के शिष्य बाबा गुरु चरन दास जो कि जायसवाल बालक अतरौलिया बाजार के ही निवासी थे हुए जिनके समय सन1794 में मंदिर का निर्माण वर्तमान में फैशन हट  अतरौलिया के पूर्वज श्री गुरू प्रसाद साव ने कराया था। ऐसा महराज जी ने बताया कि जब यहाँ पर स्थित शिवलिंग पर शिवालय का निर्माण  गुरु प्रसाद साव करवाना चाहते थे जब निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ तो दिन भर कराया गया कार्य दूसरे दिन बिगड़े रूप में मिलता था इसी बीच उन्हें स्वप्न मिला कि पहले ठाकुर जी रामदरबार सम्बंधित मंदिर का निर्माण करायें। उन्होने  वैसा ही किया।तब से  शिवलिंग चबूतरे के रूप में ही है। चबूतरे पत्थर लगवाने का कार्य श्री राम कारण जायसवाल ने किया।इस धार्मिक स्थल पर तीन साल के बाद पड़ने वाले मलमास माह में एक माह का मेला लगता है।प्रत्येक वर्ष सावन मास में भी महीने भर श्रद्धालुओं का रेला लगा रहता है।शिव रात्रि के अवसर पर जल चढ़ाने के लिए अधिक संख्या में श्रद्धालु आते हैं और मेला भी लगता है।यह शिव जी का सिद्ध स्थल है जहाँ सबकी मन्नतें पूरी होती हैं।

 

महाशिवरात्रि पर लगा श्रद्धालुओं का रेला तथा लोगों ने उठाया मेला का आनंद 

मार्टिनगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत चितारा महमूदपुर में पातालपुरी प्राचीन शिव मंदिर पर महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का जलाभिषेक के लिए ताता लगा रहा जो दोपहर 2:00 बजे तक चला तथा इस अवसर  मेला के आयोजन में लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया बच्चों ने खूब खरीदा खिलौना। तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत चितारा महमूदपुर में महाशिवरात्रि के अवसर पर सुबह से ही पातालपुरी के दर्शन के लिए तथा उनके जलाभिषेक लिए श्रद्धालुओं का ताता लगा रहा सुबह 4:00 बजे से ही जलाभिषेक के लिए लाइन में श्रद्धालु खड़े हो गए और बारी-बारी से  दर्शन करते रहे दिन में 2:00 बजे तक लगभग 10 से 15000 श्रद्धालुओं ने  जलाभिषेक  किया मेला के आयोजन में लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया जहां बच्चे झूले और  गाडी झूला  का आनंद ले रहे थे वही मिशनरी के लोगों द्वारा ईसा मसीह के उपदेश के लोगों को बता रहे थे तथा जलेबी एवं मीठी बैर का आनंद ले रहे थे बच्चों में खूब उत्साह देखा गया इस अवसर पर  सुरक्षा  की दृष्टि से सुबह से ही उप जिला अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव एवं थानाध्यक्ष दीदारगंज. मनोज कुमार सिंह अपने हमराहियों के  साथ उपस्थित थे तथा फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर मुस्तैद थी लोगों के जयघोष के साथ मेला शिव में हो रहा था ।
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