गोली मार कर बालक की हत्या के आरोप में 4 को उम्र कैद, प्रत्येक को 19-19 हज़ार का आर्थिक दण्ड भी, 10 वर्ष पूर्व किसी और की हत्या करने गए थे फायरिंग की जद में आया बच्चा

आज़मगढ़ : हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने चार आरोपियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को उन्नीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।यह फैसला अपर सत्र न्यायधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट नंबर दो ध्रुव राय ने सुनाया।अभियोजन कहानी के अनुसार वादी मुकदमा बदरे आलम पुत्र शेख अली  निवासी बमहौर 27 अगस्त 2009 की सुबह साढ़े आठ बजे घर के दरवाजे पर अपने भाई सुभान और जावेद के साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे।तभी पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही इश्तियाक पुत्र मुस्तकीम, इसरार व इरफान पुत्रगण मकसूद तथा अब्दुल्ला पुत्र एखलाख तथा मुस्तकीम पुत्र खलील वहाँ आये और जान से मारने की नीयत से बदरे आलम को लक्ष्य बना कर  कट्टे से फायर करने लगे। इस गोलाबारी में वही थोड़ी दूर पर खेल रहे बदरे आलम के 8 वर्षीय पुत्र फुरकान को गोली लग गई।घायल अवस्था में फुरकान को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। तत्पश्चात बेहतर इलाज के लिए मुम्बई ले जाया गया जहां  इलाज के दौरान फुरकान की 19 अक्टूबर 2009 को मौत हो गई।पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में प्रेषित किया।दौरान मुकदमा आरोपी मुस्तकीम की मृत्यु हो गयी।अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रीष कुमार चौहान ने तथा अभय दत्त गोंड ने मोहम्मद जावेद, हेड कांस्टेबलअमरजीत, विवेचक लालबली यादव, खुर्शीद अहमद ,डॉ के एन पांडे,विवेचक भूपेंद्र सिंह ,हेड मुर्हर्रिर अश्वनी दुबे,डॉक्टर किशोर पटेल ,मोहम्मद नदीम, उपनिरीक्षक रोहितेश्वर, डॉ राजेश चंद्रकांत डेरे को बतौर गवाह न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने इश्तियाक,इसरार, इरफान तथा अबदुल्ला को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को उन्नीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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