पीड़ित ने लगायी एसपी से गुहार, न्याय के लिए आत्मदाह की दी चेतावनी, कृषि भूमि पर विपक्षियों पर जबरन कब्ज़ा करने का लगाया आरोप, पुलिस भी नहीं कर रही कार्रवाई

आजमगढ़। दबंगों द्वारा आये दिन मारपीट किये जाने से क्षुब्ध होकर मेंहनगर के  भोरमपुर  ग्राम निवासी नगेसर पुत्र छांगुर ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगायी है। अगर शिकायत पत्र के बावजूद प्रशासन ने न्याय नहीं दिलाया तो पीड़ित आत्मदाह करने को मजबूर होगा जिसका पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
पुलिस अधीक्षक को दिये गये ज्ञापन में पीड़ित  नगेसर पुत्र छांगुर ने बताया कि भोरमपुर स्थित 286 रकबा 0.080 हे सरकारी अभिलेख में नवीन परती कृषि भूमि है। जिसमे ईंट की दीवार पर टिनशेड रखकर गांव के ही हनुमान चन्द्र किशोर, चिंता द्वारा  आराजी के सड़क वाले हिस्से के किनारे जबरन एक झोपड़ी बना पूरे जमीन पर कब्जा किया जा रहा है जबकि पूरे नवीन परती में हनुमान का कोई नाम अंकित नहीं है।  इस नवीन परती को लेकर दीवानी न्यायालय द्वारा सर्वे कराया गया। जिसमे आराजी 286 जो कागजात में हरिजन आबादी है पर शंकर व चुन्नी लाल की मडंई व खंडहर स्थित है, दावा अंशत डिग्री किया। जिला जज ने 23 अगस्त 2013 को अपील स्वीकार कर विपक्षीगण हनुमान चन्द्र किशोर व चिंता आदि को कब्जा दखल इस्तेमाल करने से मना कर दिया है। जब यहां भी उनकी नहीं चली तो वे हाईकोर्ट चले गये जहां अपील संख्या 1045/2013 दुर्गावती आदि बनाम शंकर दाखिल किया। जहां उच्च न्यायालय ने यथास्थिति बनाये रखे जाने का आदेश पारित किया लेकिन दंबग किस्म के विपक्षीगण ने लगातार भूमि पर कब्जा कर रहे है और आये दिन धमकी दे रहे है। इस दौरान विपक्षियों से सांठगांठ करके ग्राम प्रधान लगातार पीड़ित पक्ष को धमका रहे है जबकि डिग्री शुदा  जमीन व उच्च न्यायालय के स्टे आदेश के बावजूद उस पर कब्जा व निर्माण कार्य करा रहे है, स्थानीय थाने पर गुहार लगाने पर वहां से डांट डपटकर भगा दिया जा रहा है। पीड़ित पक्ष मुख्यमंत्री से लगायत, डीआईजी, डीएम तक को शिकायत पत्र दे चुका है लेकिन आज तक न्याय नहीं हो सका। मंडलायुक्त कार्यालय से हुई जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि विपक्षीगण द्वारा अवैधानिक तरीके से कार्य किया जा रहा हैं लेकिन स्थानीय थाना पुलिस की मिलीभगत के कारण उक्त दबंग आये दिन पीडित पक्ष के घर में घुसकर मारपीट कर रहे है और गाली गलौच देकर मानसिक पीड़ा पहुचां रहे है। पीड़ित ने एसपी से गुहार लगायी कि अगर उच्च न्यायालय के यथास्थिति बनाये रखे जाने के निर्णय का अनुपालन नहीं कराया तो वे आत्मदाह करने को मजबूर होगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान पीड़ित का पूरा परिवार मौजूद रहा।
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