प्राथमिक विद्यालयों समेत अन्य जगहों पर बच्चों ने धूमधाम से मनाई चाचा नेहरु की जयंती, सांस्कृतिक कार्यक्रमों संग बाल मेले का भी हुआ आयोजन

आजमगढ़। मार्टिनगंज क्षेत्र के बर्रा 2 प्राथमिक विद्यालय पर चाचा नेहरु की जयन्ती पर बाल मेले का आयोजन किया गया। बच्चों ने खाने पीने की सामग्री व खेल के सामानों के स्टाल लगाए। प्राथमिक विद्यालय सरायमीर द्वितीय के परिसर में बच्चों ने पंडित जवाहर लाल नेहरू की जयन्ती धूमधाम से मनायी। इस दौरान बच्चों ने विविध कार्यक्रमों में भाग लिया।    सर्वप्रथम विद्यालय प्रधानाध्यापक अभिमन्यु यादव ने पंडित जी के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित कर देश के प्रथम प्रधानमंत्री को नमन किया। इसके पश्चात सभी स्टाफ और बच्चो ने पंडित जवाहर लाल नेहरू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर बच्चो द्वारा पंडित नेहरू के जीवन पर नाटक, ड्रेस एवं सज्ज़ा प्रतियोगिता में आरिफ ने नेहरू जी के रूप में अपने को प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। विजेता बच्चो को शिक्षिका प्रिया राय ने पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर सपना यादव,रंजना प्रजापति,दयाराम यादव आदि लोग उपस्तिथ रहे। नगर पंचायत अतरौलिया में स्थित आर0 एस0 कान्वेंट स्कूल अतरौलिया में आज जवाहरलाल नेहरू जी की जयंती एवं बाल दिवस के उपलक्ष में विद्यालय की तरफ से विद्यालय में बाल मेले का आयोजन किया गया था  जिस के मुख्य अतिथि श्री सुभाष चंद्र जायसवाल नगर पंचायत अध्यक्ष अतरौलिया व विशिष्ट अतिथि  प्रभारी निरीक्षक अतरौलिया राकेश कुमार सिंह व श्री राजाराम सिंह, श्री श्याम बिहारी चतुर्वेदी, श्री हीरा सिंह जी महेश गुप्ता जी रहे जिसमें सर्वप्रथम जवाहरलाल नेहरू जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि  करके फिता काटकर मेले का उद्घाटन किया गया विशिष्ट अतिथि श्री राजा राम सिंह ने बताया कि यह बाल दिवस क्यों मनाया जाता है उन्होंने बताया कि श्री जवाहरलाल नेहरू को चाचा नेहरू की भी उपाधि दी गई नेहरू जी तो प्रधानमंत्री के पद पर थे उनके रास्ते में एक आम का बगीचा था जिसमें बच्चे लोग खेलते थे और जब नेहरू जी की सवारी जाती थी तो चाचा नेहरू चाचा नेहरू कहकर सभी लोग हल्ला गुल्ला मचाते थे तभी वहां के चेयरमैन ने उस बगीचे की नीलामी कर के ठेकेदार को दे दिया पुनः जब जवाहरलाल नेहरू जी  जाने लगे तो वहां पर बच्चों की आवाज ना सुनकर चेयरमैन को बुलाया गया और चेयरमैन से कहा गया कि यह बाग बच्चों लोग के लिए खेलने कूदने के लिए दे दिया जाए इसी प्रकार जब जवाहरलाल नेहरू जी जापान गए थे वहां के बच्चों ने  नेहरू जी से हाथी की मांग की थी जवाहरलाल नेहरू जी ने वहां हाथी भेज थी इसी तरह से चाचा नेहरू के नाम से प्रसिद्ध है यह बाल दिवस पूरे भारत में और पूरे विश्व में 14 नवंबर को मनाया जाता है पंडित जवाहरलाल नेहरू के व्यक्तित्व एवं देश के विकास में उनके योगदान की चर्चा की उनके जन्म दिन को ही बाल दिवस के रूप में मनाने का मूल कारण है कि पंडित नेहरू बच्चों से बेहद प्यार करते थे उनका विचार था कि बच्चे ही देश के भविष्य है यदि उनकी देख रेख परवरिश व शिक्षा उचित व गुणवत्ता पूर्ण ढंग से की जाए तो हर बच्चे को योग्य नागरिक बनाया जा सकता है इन्ही में से कोई राजनेता कोई अधिकारी कोई लोगों का  पेट भरने वाला किसान कोई देश की सीमा की रखवाली करने वाला नौजवान तो कोई शिक्षक व वैज्ञानिक बनेगा आज बाल दिवस के दिन हमे संकल्प लेना चाहिए कि हमारे देश का हर बच्चा योग्य नागरिक बनेगा। बच्चों द्वारा मेले में कई स्टाल स्टाल लगाए गए थे जिसमें से रसगुल्ला, इमिरती,  खेल, पकौड़ा, मेमोज, चाउमीन, जलेबी, बैलून आदि के स्टाल लगे हुए थे सभी बच्चे अपने अपने हाथों से इसको बनाकर मेले में वितरण कर रहे थे विद्यालय के प्रबंधक राणा लाखन सिंह व प्रधानाचार्य श्रीमती रितु सिंह के सहयोग से मेले को संपन्न किया गया जिसमें मुख्य रूप से अध्यापक गण ओम प्रकाश मिश्रा, शुभम गुप्ता, नीरज श्रीवास्तव, मंजू यादव, बिपिन सिंह, एसएन तिवारी, प्रदीप यादव, राजपति वर्मा, जनार्दन मिश्रा, पूजा मिश्रा, ज्योति गुप्ता, आदि लोगों ने मेले का लुफ्त उठाया। भारत सरकार युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा नेहरू युवा केंद्र के तत्वाधान में ब्लॉक मुहम्मदपुर के ग्राम कोहड़ौरा में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया गया । जिसकी अध्यक्षता ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वरुण कुमार व संचालक कार्यक्रम के आयोजक व राष्ट्रीय स्वयंसेवक भारत सरकार उमेश विश्वकर्मा ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में पत्रकार व समाज सेवी राम अवतार स्नेही ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू बच्चों से बहुत प्रेम करते थे इसलिए उन्हें चाचा नेहरू के नाम से जाना जाता था । वे कहते थे कि बच्चे देश के भविष्य है ।इसलिये उनका जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बच्चो से कहाकि अच्छी शिक्षा ग्रहण करे , परिवार में बड़ों का सम्मान करें  संस्कार  समज व देश के विकास में योगदान दे।ताकि समाज व देश  विकास के तरफ अग्रसर करें। अपने संचालकीय क्रम में स्वयंसेवक उमेश विश्वकर्मा ने कहा कि किसी देश व समाज को मजबूत बनाने व विकास में युवाओं और बुद्धिजीवियों की ओम का हम होती है इसलिए हम युवाओं की जिम्मेदारी है कि देश में एकता एवं अखंडता को बनाए रखने रखे । अध्यक्षता कर रहे हैं ग्राम प्रधान वरुण कुमार ने कहा कि बाल दिवस के माध्यम से जो जानकारी दी गई है उसे जीवन में उतार कर आगे बढ़े । इस अवसर पर प्रीतम उपाध्याय, मधुबन कुमार ,जय बहादुर चौहान ,पवन, मनोज यादव ,अतुल कुमार, आकांक्षा ,रूबी यादव ,यासमीन बानो आदि उपस्थित थे।

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