भाजपा सरकार पिछड़ों का आरक्षण समाप्त करने का कुचक्र रच रही : पूर्व सांसद रमाशंकर राजभर ’विद्यार्थी’, सपा कार्यालय पर समाज की बैठक में आरोप

आजमगढ़ : भा0ज0पा0 सरकार पिछड़ों का आरक्षण समाप्त करने का कुचक्र रच रही है। उक्त बातें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व सांसद रमाशंकर राजभर ’विद्यार्थी’ ने कलेक्ट्री कचहरी स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर आयोजित राजभर समाज की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि जिन 17 पिछड़ी जातियों को समाजवादी पार्टी की सरकार ने अनुसूचित जाति का दर्जा दिया था उस प्रस्ताव को भाजपा सरकार ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया साथ ही पचासी प्रतिशत पिछड़े और दलित समाज का आरक्षण 49 प्रतिशत कर दिया है और 15 प्रतिशत लोग 51 प्रतिशत पद आरक्षित हो गये। श्री राजभर ने कहा कि भा0ज0पा0 सरकार में पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न बढ़ा है। अखिलेश यादव जी की सरकार में शुरू किये गये विकास के कार्यां पर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री महज अपना शिलापट्ट लगा कर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीन तलाक जैसे मुद्दों को उठाकर भाजपा मॅहगाई, बेरोजगारी, अपराध और ठप पड़े विकास की तरफ से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य पूर्व मंत्री रामदुलार राजभर ने कहा कि भाजपा पिछड़ों और दलितों के हितों पर कुठारा घात कर रही है और मेहतकश पिछड़ों और दलितों को गुलामी की तरफ धकेलना चाहती है। श्री राजभर ने पिछड़ों को लामबंद होकर भाजपा सरकार के षड़यंत्र का पर्दाफास करने का आह्वान किया। विधान परिषद सदस्य रामजतन राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री झूठ और पाखण्ड का सहारा लेकर गुमराह कर रहे हैं। कालाधन, विदेशी धन वापस लाना, पन्द्रह लाख हर आदमी को देना, दो करोड़ बेरोजगारों को नौकरी जैस लुभावने नारे देने वाले प्रधानमंत्री जी के सारे वायदे झूठे साबित हुए और जनता ठगा महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर असफल है। इस अवसर पर स0पा0जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, उपाध्यक्ष लालमनि राजभर, रणजीत राजभर, रामवृक्ष राजभर, हरि राजभर, मुकेश गोलू, आशा राजभर, राहुल, बंशराज राजभर, कमलेश राजभर, चन्द्रकेश राजभर, राजेन्द्र राजभर बृजभान राजभर, अमित राजभर, रामअधार राजभर, खेलाड़ी प्रसाद राजभर, विश्वनाथ, ओमप्रकाश राजभर, राजेन्द्र रामू राजभर, शिवमूरत, रामसहाय राजभर, बजरंगी, जितेन्द्र, साहब राज, अनूप, सिकन्दर, विनोद, बाबूराम, रवि, राहूल, रतन, गोविन्द, मानिक, रवीन्द्र, महेन्द्र, रामसूरत, रमेंश, गोपाल, शशिभूषण, धर्मेन्द्र, परवेश, अमरनाथ, सुरेश, कमलेश, चन्द्रकेश, राजन, श्यामप्यारे, नीरज, राकेश, दीपक, योगेन्द्र, सचिन, बृजभान, मनोज, सुबाश, राधेश्याम, कालीचरन आदि उपस्थित थे।

 

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