स्वास्थ्य योज़नाओं में लापरवाही व उदासीनता बरतने पर होगी कठोर कार्रवाई, डीएम की समीक्षा बैठक

स्वास्थ्य योज़नाओं में लापरवाही व उदासीनता बरतने पर होगी कठोर कार्रवाई, डीएम की समीक्षा बैठक
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आजमगढ़ : जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति बाल स्वास्थ्य पोषण, इन्द्रधनुष कार्यक्रम की बैठक सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने शासन द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों के क्रियान्यवन में यदि किसी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा लापरवाही/उदासीनता बरतते हुए पाया गया तो सम्बन्धित के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। इन्द्रधनुष कार्यक्रम के समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि यह एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है और इसके तीसरे चरण का अभियान 7 से 18 दिसम्बर तक जनपद में चलाया जायेगा। उन्होेने द्वितीय चरण के अभियान में जिन ब्लाकों में प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष नही पायी गयी उनके सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी को कारण बताओं नोटिस/चेतावनी निर्गत करने के निर्देश देते हुए कहा कि तृतीय चरण के अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरे होने चाहिए। अन्यथा सम्बन्धित के निलम्बन की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होने स्पष्ट रूप से कहा कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्यवन में सभी सम्बन्धित अधिकारियों/कर्मचारियों का यह नैतिक दायित्व है कि वें पूरी संवेदनशीलता, कर्मठता एवं कर्तव्यशीलता के साथ कार्य पूर्ण करें। अन्यथा उनका उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी। बाल स्वास्थ्य पोषण माह की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि 9 दिसम्बर 2017 से 9 जनवरी 2018 तक एक अभियान के तहत यह कार्यक्रम संचलित होगा। उन्होने कहा कि 9 दिसम्बर को कार्यक्रम का उदघाटन जन प्रतिनिधि/वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा कराया जाय। माइक्रोप्लान के अनुसार कार्यक्रम सम्पादित हो और इस कार्यक्रम में जो भी आंगनवाड़ी कार्यकत्री असहयोग करते हुए पायी जायेगी तो उनकी सेवा समाप्ति की कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु डीपीओ को निर्देश दिए। उन्होने कड़े लहजे में कहा कि इलाज/खाने की कमी से किसी बच्चें/व्यक्ति की मौत नही होनी चाहिए। श्री सिंह ने बताया कि 3 साल तक यदि बच्चें को शारिरिक पोषण नही मिलेगा तो वह बच्चा अपाहिज हो सकता है इसलिए प्रारम्भ से ही बच्चें को पोषित करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। यदि बच्चें को अच्छे ढंग से माॅ-बाप संकलिप्त होकर करे तो बच्चा स्वस्थ्य होगा। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर सभी एमओआईसी को निर्देश दिए कि अनटाइल्ड फण्ड की धनराशि का एक सप्ताह के अन्दर व्यय कर उपयोगिता प्रमाण पत्र सीएमओ कार्यलय को उपलब्ध करा दें। उन्होने कहा कि धन की उपलब्धता के बावजूद व्यय न होना बेहद आपत्तिजनक है। उन्होने जननी सुरक्षा योजना के भुगतान प्रतिशत कम पाये जाने पर कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि 50 प्रतिशत से कम भुगतान जिन स्वास्थ्य केन्द्रों पर किया गया हो उनके    एमओआईसी से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाय तथा शत-प्रतिशत भुगतान एक सप्ताह के अन्दर कर दिया जाय। इसी प्रकार उन्होने आशाओं के भुगतान समय से कर देने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी आशा का भुगतान लम्बित रखा गया तो सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही होगी। उन्होने कहा कि शत-प्रतिशत आशा का भुगतान दिसम्बर माह तक कर दिया जाय। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एसके तिवारी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा0 संजय, अपर जिला सूचना अधिकारी अंजनी कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

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