उत्तर प्रदेश माध्यामिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा के धरने व शिक्षक विधायक समेत अन्य के खिलाफ़ मुकदमे पर आक्रोश, कहा मांगों को मानने सुनने की बजाय दर्ज हुई रपट 

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश माध्यामिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा आजमगढ़ के जिलाध्यक्ष डा सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि बीते 18 अगस्त को शिक्षक बचाओ आग्रह आंदोलन के जरिये संगठन ने अपनी आवाज मुखर करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक जिला विद्यालय निरीक्षक को हाथों-हाथ सौंपा। संगठन की जायज मांगों पर डीआईओएस द्वारा सकारात्मक रूख अपनाने को कौन कहें उनके द्वारा संगठन की आवाज को कुचलने की नियत से संगठन के संरक्षक शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। जबकि उक्त धरने के सापेक्ष संगठन ने 10 अगस्त 2020 को ही धरने की लिखित सूचना विभाग को भी अवगत कराते हुए समाचार पत्र में प्रकाशन भी कराया गया और प्रस्तावित धरने में कोविड-19 के प्रोटोकाल का पूर्णतया पालन करते हुए धरना दिया गया परंतु विभाग द्वारा शिक्षकों की आवाज को दबाने के उद्देश्य से मनगढ़त ढंग से एफआईआर की कार्यवाही किया जाना डीआईओएस तानाशाही रवैये का प्रतीत है। जिलाध्यक्ष डा श्री श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षक एफआईआर से भयभीत होने वाला नहीं है, शिक्षक हित में अपने हक-हकूक के लिए हर तरह से कुर्बानी देने को तैयार है। इस दौरान संगठन के साथियों ने डीआईओएस के दमनकारी रवैये की निंदा करती हैं अगर दर्ज प्राथमिकी को वापस नहीं लिया गया तो संगठन शांत नहीं बैठेगा। 

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