घाघरा की कटान से सैकड़ों एकड़ फसल व भूमि नदी में विलीन, प्रदेश के जलशक्ति मंत्री के बयान को सपाइयों ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण 

आजमगढ़। घाघरा नदी से हो रही भयंकर कटान से सैकड़ों एकड़ गन्ना व धान की बोई गयी फसल, खेतों की जमीन व सैकड़ों घर कटकर नदी में विलीन हो रहे हैं। इस तबाही से जनता परेशान व चिंतित है। सरकार की तरफ से कोई भी आर्थिक मद्द नहीं दी जा रही है। लोग अपने-अपने घरों की ईंट व सामान निकालकर ले जा रहे हैं। निवर्तमान सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि जलशक्ति मंत्री श्री महेन्द्र सिंह का यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री के बाढ़ से पहले की तैयारी से कोई बन्धा नहीं कटा। जन-धन की कोई हानि नहीं हुई। जबकि जनपद में बाढ़ से टेकनपुर, गांगेपुर, परसिया बन्धा कट जाने से हजारों एकड़ जमीन, जलमग्न फसलों की बर्बादी के साथ-साथ घर गिर गये। लेकिन भाजपा के लोगों को झूठ बोलने में महारथ हासिल है। योगी सरकार संवेदन शून्य हो गयी है। आजमगढ़ में घाघरा का यह विकराल रूप योगी जी के गृह जनपद-गोरखपुर में कई जगहों पर घाघरा नदी के बहाव को डाइवर्ट करने के लिए ठोकर बना देने से पानी का दबाव आजमगढ़ पर बढ़ा जिससे कटान होने लगी। यह मुख्यमंत्री योगी जी का जनपद के साथ सौतेला व्यवहार है। वहाॅ के विस्थापित लोगों का जमीन, मकान, पानी, शौचालय आदि व्यवस्था तुरन्त कराया जाना आवश्यक है। नदी की कटान में जो विलीन हो गये। उन खेतों  की के0सी0सी0 लोन माफ कर दिया जाना चाहिए। यदि सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो समाजवादी  पार्टी आन्दोलन को बाध्य होगी। पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ पूर्व प्रत्याशी जयराम सिंह पटेल, चेयरमैन रामआसरे राय, रामशब्द यादव, रामायन यादव, संदीप पटेल, मोनू सोनकर प्रधान, बृजेश यादव, सूर्यभान यादव महाप्रधान, उद्यम सिंह राठौर, रामबदन यादव प्रधान, राजेश यादव आदि मौजूद थे।  

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