वित्तीय वर्ष 2020-21 में माह अप्रैल 2020 से माह अगस्त 2020 तक कुल 926 नवीन दिव्यांग पेंशन को पोर्टल पर प्राप्त आवेदन पत्रों को डीएम ने किया वेरीफाई, कुष्ठ रोग से दिव्यांगता में भी योज़ना 

आजमगढ़ : जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी जेपी सिंह ने बताया है कि दिव्यांग भरण पोषण अनुदान योजना निराश्रित दिव्यांगजनों के लिये संचालित है। जिसमें पात्र दिव्यांगजन को रू0 500 प्रतिमाह की दर से प्रथम तिमाही दिये जाने का प्राविधान है। योजनान्तर्गत पात्रता हेतु दिव्यांगता 40 प्रतिशत अथवा उससे अधिक होना चाहिए,  वार्षिक आय रु0 46080 ग्रामीण क्षेत्र के लिए एवं रू0 56460 शहरी क्षेत्र के (तहसील द्वारा जारी), राट्रीयकृत बैंक का खाता संख्या, आधार कार्ड की प्रति, ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत में हुई खुली बैठक में दिव्यांग पेंशन हेतु चयन की प्रति तथा फोटो होना चाहिए।
आवेदक द्वारा अपना आवेदन पत्र जन-सुविधा केन्द्रों (कामन सर्विस सेन्टर), साइबर कैफे, निजी इण्टरनेट केन्द्र के माध्यम से विभागीय वेबसाइट sspy.up.gov.in पर स्वयं के द्वारा आनलाइन आवेदन किया जाता है। आवेदन पत्र पोर्टल पर आॅनलाईन भरने के उपरान्त आवेदनकर्ता द्वारा आवेदन पत्र एवं सलंग्नक प्रमाण पत्रों की हार्ड काॅपी जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय में जमा किया जाता है, तत्पश्चात् जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी के लागिंग आई0डी0 पर आवेदक द्वारा पीएफएमएस पोर्टल पर आनलाईन किये गये आवेदन पत्रों का आनलाईन सत्यापन कर जिलाधिकारी के अनुमोदनोंपरान्त अग्रिम कार्यवाही हेतु निदेशालय अग्रसारित कर दिया जाता है। जिसके पश्चात् निदेशालय द्वारा बजट की उपलब्धता पर नवीन पेंशन स्वीकृत की जाती है। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष वित्तीय वर्ष 2019-20 में दिनांक 01 अप्रैल 2019 तक कुल 26269 पात्र लाभार्थी थे, दिनांक 01 अप्रैल 2019 के उपरान्त वित्तीय वर्ष 2019-20 में दिनांक 31 मार्च 2020 तक कुल 5470 नवीन स्वीकृत के उपरान्त वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल 31425 लाभार्थियों को माह जून के प्रथम सप्ताह में प्रति लभार्थी को रू0 1500 की दर से पेंशन की धनराशि निदेशालय द्वार पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से प्रेषित कर दी गयी है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में माह अप्रैल 2020 से माह अगस्त 2020 तक कुल 926 नवीन पंेशन हेतु पोर्टल पर प्राप्त आवेदन पत्रों को जिलाधिकारी के अनुमोदनोंपरान्त स्वीकृत कर फाईनल फ्रीज/वेरीफाई कर दिया गया है। निदेशालय द्वारा पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से बजट उपलब्ध होने पर पेंशन पे्रेषित की जायेगी। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी जेपी सिंह ने बताया है कि 30 जनवरी 2016 से उ0प्र0 सरकार ने कुष्ठरोग से दिव्यांग हुऐ दिव्यांगजनों के लिए एक नवीन पेंशन योजना का शुभारम्भ किया हैं। जिसके अन्र्तगत प्रति माह रू0 2500 दिया जा रहा है। दिव्यांगता का 1 प्रतिशत (चाहे जो भी हो) आवेदन करने की समस्त प्रक्रिया उपरोक्तानुसार है। वर्तमान में कुष्ठरोग के लाभार्थियों की संख्या 263 है जिन्हे पेंशन नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजना के अन्तर्गत दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल, व्हील चेयर, बैसाखी, कान की मशीन, नेत्रहीन छड़ी आदि उपकरण प्राप्त कराया जाता है।
योजनान्तर्गत उपकरण प्राप्त करने हेतु आवेदन के साथ ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थी की वार्षिक आय रू0 46080 से कम एवं नगरीय क्षेत्र के लाभार्थी की वार्षिक आय रू0 56460 से कम होनी चाहिए (उपकरण हेतु ग्राम प्रधान का आय प्रमाण पत्र मान्य होगा)। एक फोटो, जिसमें दिव्यांगता प्रदर्शित हो, दिव्यांग प्रमाण पत्र 40 प्रतिशत या उससे अधिक, आधार कार्ड की प्रति तथा विषय विशेषज्ञ (चिकित्सक) द्वारा पात्रतानुसार उपकरण विशेष के लिए की गयी संस्तुति होनी चाहिए। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने बताया कि जनपद में वित्तीय वर्ष 2019-20 में कुल आवंटित धनराशि 2203450 रू0 (बाईस लाख तीन हजार चार सौ पचास मात्र) भौतिक लक्ष्य 364 के सापेक्ष कुल 434 कृत्रिम अंग/सहायक उपकरणों का वितरण विकास खण्डों में कैम्प के माध्यम से जिलाधिकारी के आदेशानुसार किया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कोविड-19 के कारण कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजनान्तर्गत लाभार्थियों का चिन्हांकन नहीं किया जा सका है। मुख्य विकास अधिकारी महोदय के माध्यम से आवेदन पत्रों को प्राप्त करने हेतु समस्त खण्ड विकास अधिकरी/अधिशाषी अधिकारी को पत्र प्रेषित किया गया है तथा प्रचार प्रसार कराया जा रहा है। वर्तमान में 85 आवेदन पत्र कार्यालय को उपकरण योजना के अन्तर्गत प्राप्त है। जब कि मोर्टराइज्ड ट्राई साईकिल हेतु कुल 49 आनलाईन आवेदन पत्र प्राप्त हो चुके हैं। जिसके स्वीकृत हेतु अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

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