उत्तर प्रदेश में प्रधान सब्जी, फल, गल्ला मण्डी योजना को कैबिनेट में पास कर उत्तर प्रदेश में लागू करने के सम्बन्ध में बीजेपी नेता ने प्रमुख सचिव कृषि को लिखा पत्र 

आजमगढ़ :  महेंद्र मौर्य -किसान नेता -जिला मंत्री भाजपा आज़मगढ़ 9936169385 ने प्रमुख सचिव को तमाम समस्या को उठाते हुए पत्र लिखा है जो इस प्रकार है। 

प्रमुख सचिव                                                                                    
कृषि विपणन , कृषि विदेश ब्यापार एवं निर्यात                   1 / 7
उत्तर प्रदेश सरकार – लखनऊ
             सुझाव /नियमों अधिनियमों में संशोधन / परिवर्तन विषयक
विषय – उत्तर प्रदेश में प्रधान सब्जी /फल /गल्ला मण्डी योजना को कैविनेट में पास कर उत्तर प्रदेश में लागू करने के सम्बन्ध में |
महोदय,
प्रधान सेवक जी ने देश के किसानों के लिए मण्डी शुल्क फ्री कर देना देश से इंस्पेक्टर राज को खत्म करके देश में भ्रस्ट्राचार का बड़ा आपरेशन किया है | प्रधान सेवक जी ने कई बार राज्य के सभी सरकारों से अपेक्षा किया कि राज्य सरकारे अपने क्षेत्रो में मानसून आधारित कृषि ब्यवस्था, मण्डी ब्यवस्था का नव निर्माण कर किसानो के साथ देश को स्वालम्बी बनाने के लिए फैसला लेते रहे इस क्रम में अग्रसर राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद उत्तर प्रदेश द्वरा – विप० -1 /446 (2) ए० पी० एम० सी० एक्ट /2020-790  की कार्यवाही सुरु हुवी उपर्युक्त धारा के प्रतिबन्धनात्मक खण्ड की अपेक्षा अनुसार प्रस्तावित कार्यवाही के विरुद्ध आपतियां आमंत्रित करने की दृष्टी से एतद्द्वारा  प्रकाशित  किया गया था जिसपर तत्कालीन जिलाधिकारी आजमगढ़ श्री नागेन्द्र प्रताप सिंह जी द्वरा संख्या 3521 ओ० /एस० डी ०  दिनाक 30 मई 2020 को आप को भेजा गया था जिसपर उनके द्वरा हमारे सुझावों पर कृषकों के हित में निति निर्धारित करते हुवे तथ्यपरक कार्यवाही सहानुभूति पूर्वक विचार करने के लिए आग्रह किया गया था जो पत्र के साथ स्लगंक है |                
माननीय योगी आदित्यनाथ जी ने सरकारी आवास पर राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के संचालक मण्डल की 158 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुवे मण्डी शुल्क को कम करने का फैसला लिया जिससे ब्यापारी वर्ग को बड़ी राहत मिली है साथ ही उन्होंने कहा कि मण्डी परिषद को अपनी सम्पत्तियों का प्रभावी इस्तेमाल करते हुवे लीकेजेज रोककर आय के स्रोत बढ़ाने चाहिए साथ ही कहा बदलते परिवेश में मण्डी परिषद नये-नये प्रयोगों के लिए तैयार हो |                
आज पूरी दुनिया रासायनिक खाद तथा जहरीली दवाइयों के इस्तेमाल के कारण अनेक प्रकार की विमारियों से त्रस्त है नागरिकों को आरोग्य सम्पन्न बनाने के लिए हमारी खेती को जहर मुक्त तथा रसायन मुक्त करना ही एक पर्याय है | भारत की धरती देवतावों की धरती है ,यहाँ वह पैदा हो जाता है जिसकी दुनिया कल्पना भी नही कर सकती है | भारत  सब्जी,फल,गल्ला का बड़ा उत्पादक देश है तो बड़ा खपत करने वाला देश भी है | इस लोकतांत्रिक देश में इसे संचालन करने के लिए कृषि विभाग ,मण्डी परिषद ,नैफेड जैसे देश  व प्रदेश के पास विभाग है | भारत के किसान को दुनिया का सबसे समृद्ध और सम्पन्न किसान बनाना हमारे नागरिकों को सस्ती भोजन उपलब्ध कराने के साथ  ही विश्व ब्यापार करना भारतीय जनता पार्टी का लक्ष्य है |
जिस क्रम में प्रधान सब्जी फल मण्डी योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार द्वरा कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गये है  जिसमे ई नेम व हाड पैट योजना प्रमुख है| मण्डी एक्ट में सुधार के लिए “ प्रधान सब्जी /फल / गल्ला मण्डी योजना “ के लिए कुछ आवश्यक निर्णय कैविनेट में पास कराने की जरूरत है जो निम्न प्रकार से है
               प्रधान सब्जी /फल/गल्ला ,मण्डी योजना
1 —   प्रदेश के हर जिले में  प्रदेश व अन्य प्रदेशों से होने वाले सब्जी / फल ब्यापार को जिले में एक जगह अलग थोक ब्यापार करने का निर्णय लिया जाये | अलग से प्रत्येक जिले में गल्ला मण्डी 50 एकड़ में बनाई जाएं जिसमे मछली ब्यापार व केला पकाने का प्लांट एक जगह सभी इन ब्यापारियों  को एक जगह गल्ला मण्डी में किया जाये | यह भी सुनिश्चित हो सभी रास्ट्रीय बैंक मण्डी परिसर में हो | पर्याप्त सुविधा, निर्माण की ब्यवस्था किया जाये | क्षेत्रीय स्थल पर थोक ब्यापार सब्जी /फल/गल्ला का स्थानीय स्तर पर बंद हो |
A –  क्षेत्रीय बाजारों के ब्यापारिक प्रतिस्ठानो में सब्जी फल के आलू ,प्याज पर 50 कुंतल  , आम,सेब,केला, हरी मटर जैसे जींस पर 25 कुंतल व गल्ला – जैसे – गेहूं,चावल,मक्का इत्यादि  जैसे सूखे जींस पर 75 कुंतल स्टाक रखने का अधिकार दिया जाये | क्षेत्रीय मार्केट में थोक ब्यापार बंद हो अगर कोई बड़ा पुराना ब्य्व्शाई है उसे प्रधान मण्डी में जगह दिया जाये |
B – क्षेत्रीय मार्केट में हरी सब्जी टमाटर,मटर,मिर्च,अदरक,लहसुन ,परवल,जैसे सभी जींस पर 10 कुंतल स्टाक रखने का अधिकार दिया जाये |
C-  प्रदेश के सभी जिले के किसान को अपना उत्पाद कही भी ले जाने का अधिकार सुरक्षित रखा जाये, परन्तु इसके आड़ में ब्यापारी क्षेत्रीय मार्केटों में थोक ब्यापार न करे इस पर कड़ाई से पालन किया जाये ऐसे स्थति में दो लाख रूपये जुर्मना दुबारा पकड़े जाने पर जुर्माने के साथ 5 साल का जेल के नियम बनाये जाए |
D– सभी जिंसों पर 2 % मण्डी शुल्क ( यूजर चार्ज ) रखा जाए जिसे 1%  गौशालय ब्यवस्था पर 1%  मण्डी ब्यवस्था पर खर्च किये जाए जिले में एक आधुनिक गौशाला बनाया जाये |
E – केवल मण्डी परिसर से ही ई गेटपास ब्यवस्था  आनलाइन सुनिश्चित किए जाए | मण्डी के सभी गेट पर सी० सी० टीवी कैमरा लगा कर प्रभावी रूप से मानिटरिंग किया जाये |
F – जिले के प्रधान मण्डी से निकलने वाले हरी पत्तियां ,हल्के आलू ,जो भी उत्पादन जानवरों के योग्य हो उसे जिले के गौशाला भेजने का प्रबंध किया जाये |
G – जिले की गल्ला मण्डी में जिले के सभी बड़े ब्यापारी सिफ्ट करने के लिए उन्हें पर्याप्त जगह आवंटित किये जाये जिस प्रदेश के सभी जिले में नीर्माण कम हो वहाँ बड़ी मण्डी का निर्माण कराया जाये | किराना ब्यापार करने का कोई प्रतिबन्ध न हो केवल धान ,गेहूं ,मक्का  या अन्य सूखे उत्पाद जो उस जिले में पैदा होता है उसे ही विक्री प्रधान मण्डी में हो यदि कोई दुकानदार किराना का थोक ब्यापार करता है प्रधान मण्डी में तो उसे रोका भी न जाये |
H –प्रधान मण्डी सब्जी / फल के थोक ब्यापार ब्यापार को सुचारू रूप से चलने के लिए फुटकर दूकानदार बहुत ही जरूरी है | प्रदेश के सभी जिलों की मंडियों में थोक लाइसेंस लेकर उसी मण्डी में  कार्य करते है उसे फडिया कहते है उन्हें भी ब्यवस्थित करने के लिए हमारे दिए गये सुझाव  1/9/2018 के सुझावों का अध्यन कर उचित फैसला लें जिससे कोई बेरोजगार न हो |
I – प्रधान मण्डी स्थल में सभी सरकारी क्रय केंद्र का मेन ब्रांच आफिस खोला जाये जहाँ MSP से गल्ला खरीद हो |
J—प्रधान मण्डी स्थल में कृषि विभाग की योजनाओं को संचालित करने के लिए जिले में एक नोडल अधिकारी की बैठने की ब्यवस्था की जाये जो मानसून के आधार पर महंगे उत्पादन की वैज्ञानिक पद्दति से खेती के बारे में किसानों को प्रेरित करें |
k –  नेशनल कमीशन आफ फार्मर्स की रिपोर्ट पर प्राइवेट मण्डी खोलने का आदेश संख्या 4/2020/204/ अस्सी -2-2020-100-(11)-2020  दिनाक 15 जून 2020 को जारी अधिसूचना को वापस लिया जाये प्राइवेट मण्डी किसानो के लिए कैंसर जैसी घातक वीमारी का काम करेगी|
                            2 — हाट पैट योजना
2 —  राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद उ० प्र० द्वारा संचालक मण्डल की 155 वी बैठक में दिनाक 24/7/2018 में साप्ताहिक बाजार अथवा सप्ताह एक से अधिक बार लगने वाली ग्रामीण हाटों / बाजारों के स्थल के विकास के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया था जिस पर प्रदेश के सभी जिलाधिकारी महोदय को पत्र दिनाक 24/8/2018/ को पत्रांक मु० अभि० ग्रेड – 2 ग्रामीण हाट पैठ  8532/2018  – 4766 पर आवश्यक निर्देश दिए गये थे साथ ही आग्रह किया गया था उपरोक्त दृष्टीकोण से परिक्षण कराते हुवे रिपोर्ट विवरण क्रमांक 1 से 8 तक संलग्न प्ररूप पर शीघ्र उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था जिससे कि सक्षम स्तर से हाटों / बाजारों के विकास हेतु शीघ्र चयनित करने के सम्बन्ध में निर्णय हाट पैड योजना पर लिया जा सके | माननीय प्रधानमन्त्री जी की इस महत्वाकांक्षी योजना प्रकरण पर प्रदेश के साथ आज़मगढ़ जिले में भी कुछ नही हुवा जिस पर यह ब्यवस्था आज़मगढ़ सहित सभी जिले में किस प्रकार से लागू हो  इसके सुझाव निम्न प्रकार है |

A – आज़मगढ़ के शहरी क्षेत्र में 10 से 15  हाट पैठ का निर्माण कराया जाए जिसमे पर्याप्त जगह हो जिसमे पार्किंग ,शौचालय की ब्यवस्था हो इसके साथ ही नगर पंचायतों व बड़े बाजारों में 5 या 6 के छोटे बाजारों चट्टियो पर 2 के 4औसत में हाट पैड का निर्माण हो  |
B –प्रेयेक किलोमीटर पर एक चौराहों पर सुविधा अनुसार बंजर जमीन फर्जी इन्दराज कराई सरकारी जमीन को खाली कराया जाये न मिले तो सरकार जमीन खरीदकर हाट पैड का निर्माण करे | 
C— प्रतेक एक किलोमीटर हाट पैड में उस क्षेत्र के ठेला,पटरी,गुमती में सब्जी / फल /चाट वाला / मोची /लोहार /नाई को अलग – अलग लाइनों में योजना बना के सिफ्ट किया जाये जो पहले से उस क्षेत्र में सड़क के पटरियों पर कार्य कर अपना और अपने पूरे परिवार का जीवन यापन कर रहे है | 

                                                                      
D – इसमें सब्जी / फल के फुटकर ब्यापार करने वाले ब्यक्ति को प्रधान मण्डी से जोड़ा जाए प्रधान मण्डी से खरीदकर विक्री करे सभी के प्रतेक ब्यक्ति को फुटकर लाइसेंस – फ़ूड लाइसेंस के साथ अन्य को भी मण्डी में रजिस्टर्ड अनिवार्य हो |
E—किसी भी ब्यक्ति को भाड़े पर चलाने वाले स्थिति में प्रधान मण्डी को सूचित करना होगा भाड़े पर चलाने का कोई अधिकार नही होगा ऐसा होने पर एक लाख जुर्माना व आवंटित जगह को निरस्त कर प्रतीक्षालय में चल रहे आवेदक को मण्डी अध्यक्ष /मण्डी सभापति /मण्डी समिति के आदेश से होना सुनिश्चित होगा |
F – इन सभी हाट पैड से निकलने वाले गौशालय में प्रयोग करने के उत्पाद को पहुँचाने व साफ़ सफाई का प्रबध करने की ब्यवस्था बने |

         3 –  ई नेम योजना में सुधार के सुझाव निम्न प्रकार है
A—प्रधान मण्डी स्थल में आने वाले सभी जिंसों का क्रय विक्रय रिकार्ड आन लाइन किया जाये ई गेटपास व आढतियो को भी ई रजिस्टर से जोड़ा जाये |
B – जिले के किसानों के उत्पाद को ई नेम के माध्यम से निर्यात किया जाये इसके साथ ही किसान को अधिकार हो अपना गल्ला देश के किसी प्रधान मण्डी में बने ई नेम आफिस से सम्पर्क कर भाव की जानकारी व विक्री कर सकता है |
C – देश में सब्जी फल का क्रय विक्रय करना ई नेम से सम्भव नही है इस लिए जिले के सब्जी ब्यापारी अपने अपने माध्यम से खरीद विक्री करें | रिकार्ड आनलाईन हो |
D — गल्ला का क्रय विक्रय देश में व निर्यात को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाये |
E – जिले के मछली थोक ब्यापार को भी ई नेम से जोड़ा जाये |
F – ई नेम को नैफेड से जोड़ने के लिए प्रस्ताव करना |
प्रधानमन्त्री प्रधान सब्जी / फल / गल्ला.मण्डी योजना की सुरुवात आज़मगढ़ से हो इस पर परम् पूज्य योगी आदित्यनाथ जी के मुख्यमंत्री बनते ही इस पर सुझाव देना शुरू कर दिया था जिसकी प्रतिलिपि प्रधानमन्त्री जी को भी पत्र के माध्यम से अवगत कराता रहा हूँ पिछले वर्ष सितम्बर माह में आज़मगढ़ मण्डी परिषद मुख्यालय पर 27 दिन का क्रमिक धरना भी भाजपा के जिला मंत्री रहते भाजपा आज़मगढ़ के नेतृत्व में दिया | मण्डी निदेशक श्री जितेन्द्र प्रताप सिंह जी के आश्वासन पर धरना समाप्त किया था उहोने कहा था आप की बात हम शासन स्तर पर रख रहे है आप का सुझाव सही है | भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में प्रधान सेवक आदरणीय नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी की प्रेरणा से 2014 से अब तक कई पत्र लिखे जा चुके है तब से आज तक सुझावों को लेकर कई बड़े फैसले हुवे जो मुझे दिखाई देते है , जून महीने में और बड़ा फैसला हुवा देश में किसानो को अपना उत्पाद कहीं भी ले जाने की छूट देना इंस्पेक्टर राज को देश से खत्म करना | अधिक जानकारी के लिए हमारे दिए गये आप के कार्यालय में लम्बित पुराने पत्रों का अध्यन स्वयं करें उत्तर प्रदेश सरकार का मंडियों व बाजारों पर पारदर्शी तरीके से नियन्त्रण जरूरी है |
प्रतिलिपि – निम्नलिखित को इस अनुरोध से कि आज किसानों की प्राइवेट मंडियों की  समस्या पर उठ रहे सवाल जायज है | किसान हित में ऐतिहासिक फैसला लिया जाये इसके लिए उपर्युक्त विन्दुवों पर ध्यान देते हुवे जो भी संका हो उसे बैठकर वार्ता कर संका दूर करे प्रदेश से प्रधान सब्जी /फल/गल्ला मण्डी की सुरुवात करे इस योजना से प्रदेश ही नही देश का किसान संतुस्ट होगा ऐसा मुझे विस्वाश है |
1-माननीय मुख्यमंत्री जी
2-माननीय प्रभारी मंत्री जी आजमगढ़                 
3- माननीय मंत्री जी मण्डी परिषद
4 –निदेशक महोदय मण्डी परिषद विपणन ४
5–  जिलाधिकारी महोदय आजमगढ़                                  

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