






आजमगढ़। हत्या के एक मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 37 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह फैसला विशेष सत्र न्यायाधीश जैनुद्दीन अंसारी ने मंगलवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी किरन निवासी बाग लखराव थाना सिधारी के पति पंकज को 21 मार्च 2024 को गांव का गुडडू भारती एक मामले में पंचायत के बहाने बुलाकर ले गया। करीब 11 बजे दिन में किरन को सूचना मिली कि पंकज को मारा-पीटा जा रहा है।
जब वह मौके पर पहुंची तो देखा कि गुडडू और निखिल भारती (पुत्र जंग बहादुर), वंश बहादुर और जंग बहादुर (पुत्र अलगू), तथा गुलाबी देवी पत्नी जंग बहादुर, एक नाबालिग के साथ मिलकर पंकज को लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से पीट रहे थे। शोर मचाने पर सभी हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल पंकज की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की, जबकि नाबालिग आरोपी का मामला किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता निर्मल शर्मा, ओम प्रकाश सिंह, अविनाश राय और वीरेंद्र यादव ने आठ गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निखिल भारती, गुडडू भारती उर्फ कैलाश, वंश बहादुर, जंग बहादुर और गुलाबी देवी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर 37 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
