
आजमगढ़ : थाना कोतवाली व एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं के साल्वर गैंग के वांछित 04 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए । गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 1 अर्टिका कार नं0 UP61BH3127, 06 मोबाईल घटना में प्रयुक्त, 01 अदद कूटरचित आधार कार्ड विशाल कुमार, 03 अदद एडमिट कार्ड , 01 अदद प्रश्न पुस्तिका बरामद किया गया। केन्द्राध्यक्ष शिब्ली नेशनल डिग्री कालेज आजमगढ़ द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्र के आधार पर शिब्ली नेशनल कालेज परीक्षा केन्द्र में UPCCSCR : 2024-25 की परीक्षा संचालित की जा रही थी जिसमें दिनांक 04 जनवरी 2025 को प्रथम पाली की परीक्षा में कक्ष संख्या- 103 में अनूप सागर पुत्र वीरेन्द्र कुमार ग्राम मऊपारा, देवकली गाज़ीपुर शामिल हुआ, उक्त अभ्यर्थी का आधार वेरिफिकेशन प्रक्रिया में KYC अपडेट न हो पाने के कारण डाटा का मिलान नहीं हो पा रहा था, अतः संदेहवश जब पूछा गया तो पहले स्वीकार करने से मना कर दिया एवं स्वयं को अनूप सागर पुत्र वीरेन्द्र कुमार बताया। परन्तु जब परीक्षा केन्द्र पर तैनात पुलिस बल की सहायता से सख्ती से पूछताछ की गयी तो उक्त सम्मिलित अभ्यर्थी ने अपना सही नाम विकास कुमार पुत्र श्री राम आसरे प्रसाद निवासी असनिया कुआं, थाना कदम कुआं, पटना, बिहार बताया। अनूप सागर पुत्र वीरेन्द्र कुमार के स्थान पर फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा में सम्मलित विकास कुमार पुत्र राम आसरे प्रसाद ने यह भी बताया कि कुछ पैसों के बदले उसने यह काम किया है। इस सम्बन्ध में थाना कोतवाली पर मु0अ0सं0 6/25 धारा 61(2),319(2),318(4),338,336(3),340(2) बीएनएस व 6 /10 सार्वजनिक परीक्षा अधि0 दि0 4.1.2025 को पंजीकृत किया गया।
पकड़े गये अभियुक्त रामप्रवेश यादव पुत्र सर्वराज यादव नि0 चितावन पट्टी थाना जमानिया जनपद गाजीपुर ने बताया कि दुर्गेश तिवारी बिहार के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों के स्थान पर बैठने हेतु साल्वर की व्यवस्था कराता हूँ जिसमें विक्की कुमार की सहायता से परीक्षार्थियों के आधार कार्ड में फोटो परिवर्तित कराकर साल्वर को बैठने के लिए भेजता हूँ । राम प्रवेश यादव ने यह भी बताया कि वर्ष 2021 के पूर्व से ही नौकरी दिलाने के लिए लोगों को फंसाता था और उनसे डील करके उनके स्थान पर साल्वर को बैठाकर परीक्षा दिलवाता था । विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के स्थान पर साल्वर बैठाकर फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने का कार्य हम सभी लोग मिल करते हैं । हमारा एक संगठित गिरोह है । अपने संगठित गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर पूर्व से ही फर्जी तरीके से प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थी के स्थान पर साल्वर को बैठाकर यह कार्य हम सभी मिल कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थी के स्थान पर साल्वर को बैठाने के नाम पर लगभग 10 लाख रूपए में डील तय होती थी । इसमें से 02 लाख रूपए परीक्षा देने से पहले तथा शेष रूपए परीक्षा देने के बाद लिए जाते थे। उक्त कार्य में दुर्गेश तिवारी मुख्य भूमिका अदा करते थे। दुर्गेश तिवारी बिहार से साल्वर व फर्जी आधार कार्ड तैयार कराकर प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने हेतु साल्वर की व्यवस्था करते हैं। उत्तर प्रदेश में मैं, सुनील कन्नौजिया, बबलू यादव, श्रवण कुमार यादव , सूर्यकान्त कुशवाहा उर्फ पिन्टू प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने के लिए परीक्षार्थियों /कन्डीडेट की तलाश कर उनके साथ डील कर दुर्गेश तिवारी के साथ मिलकर योजना बनाकर फर्जी तरीके से परीक्षार्थियों के स्थान पर साल्वर बैठाने का कार्य किया जाता है।