सीएमओ ने उत्कृष्ट आशा संगिनियों के साथ की ‘चाय पर चर्चा’, लापरवाही पर 21 को कारण बताओ नोटिस

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आजमगढ़। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने मंगलवार को उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा संगिनियों के साथ ‘चाय पर चर्चा’ कर उनका उत्साहवर्धन किया। वहीं कार्यों में शिथिलता बरतने वाली 21 ब्लॉकों की 21 आशा संगिनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
सीएमओ कार्यालय में आयोजित बैठक में जिले की आठ तहसीलों के अंतर्गत 21 ब्लॉकों में आशा संगिनियों के कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा में संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया।
डॉ. एन.आर. वर्मा ने कहा कि आशा और आशा संगिनियां स्वास्थ्य विभाग की मजबूत आधारशिला हैं। गांवों में अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लगातार खराब प्रदर्शन करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
समीक्षा में मालती राय की टीम ने 480 संस्थागत प्रसव कराकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। तरवां की साधना सिंह की टीम ने 428 तथा मार्टीनगंज की शशिकला की टीम ने 354 संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किए। परिवार नियोजन कार्यक्रम में लालगंज की उषा राय की टीम ने 88 महिला नसबंदी कराकर पहला स्थान हासिल किया, जबकि मालती राय और साधना सिंह की टीमों ने क्रमशः 74 और 72 महिला नसबंदी कराईं।
सीएमओ ने बताया कि प्रत्येक ब्लॉक से सबसे कम प्रदर्शन करने वाली एक-एक आशा संगिनी को चिन्हित कर कुल 21 संगिनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन में सुधार नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले लगातार निष्क्रिय पाई गईं 38 आशाओं की सेवाएं भी समाप्त की जा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि नियमित समीक्षा और जवाबदेही तय किए जाने से पिछले वित्तीय वर्ष में जिले में लगभग छह हजार संस्थागत प्रसव बढ़े हैं। इस वर्ष संस्थागत प्रसव की संख्या 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रत्येक आशा को हर माह कम से कम पांच संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
बैठक में परिवार नियोजन, गर्भवती महिलाओं की समय पर एएनसी जांच, नियमित टीकाकरण, एचपीवी वैक्सीनेशन तथा आशाओं को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अब्दुल अजीज, डीसीपीएम विपिन बिहारी पाठक, प्रभारी प्रचार-प्रसार मनीष तिवारी, बबलू यादव, धीरज श्रीवास्तव सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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