
आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत बरदह और दीदारगंज पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरजनपदीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। दो अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में चार बदमाश गिरफ्तार किए गए, जिनमें दो बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गए। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से चोरी की तीन भैंसें, एक पिकअप वाहन, एक मोटरसाइकिल, दो अवैध तमंचे, कारतूस और ₹7 हजार नकद बरामद किए हैं। वहीं दो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार 27/28 जुलाई की रात दीदारगंज थाना पुलिस ने सूचना के आधार पर शारदा नहर स्थित सुघरपुर पुलिया के पास घेराबंदी की। बिना नंबर प्लेट की पिकअप को रोकने का प्रयास करने पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में राशिद पुत्र महबूदिल निवासी हंसवर (अंबेडकरनगर) घायल हो गया, जबकि अशफाक उर्फ मोनू निवासी अहरौला (आजमगढ़) को गिरफ्तार कर लिया गया। एक आरोपी उमर अली उर्फ नन्हकू फरार हो गया। मौके से एक देशी तमंचा, कारतूस, पिकअप वाहन तथा अशफाक की निशानदेही पर चोरी की एक भैंस बरामद की गई।
इसी रात बरदह थाना पुलिस ने ग्राम कोदहरा के पास पशु चोरों की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में फिरोज पुत्र खदेरु निवासी अकबरपुर (अंबेडकरनगर) घायल हो गया, जबकि जुबैर पुत्र शोएब निवासी गम्भीरपुर (आजमगढ़) को गिरफ्तार कर लिया गया। एक आरोपी रिंकू यादव मौके से फरार हो गया। पुलिस ने एक तमंचा, कारतूस, चोरी की भैंस बेचकर प्राप्त ₹7 हजार नकद, एक मोटरसाइकिल तथा जुबैर की निशानदेही पर चोरी की दो भैंसें बरामद कीं।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित गिरोह बनाकर विभिन्न जनपदों में पहले रेकी करते थे और रात में भैंस चोरी कर व्यापारियों के माध्यम से उन्हें बेच देते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह ने बरदह, दीदारगंज, महाराजगंज और कप्तानगंज थाना क्षेत्रों सहित कुल पांच पशु चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बरदह और दीदारगंज थानों में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों की दबिश जारी है।
