
आजमगढ़। सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर दबंगई और गैंग संस्कृति को बढ़ावा देने वाले युवकों के खिलाफ आजमगढ़ पुलिस का “ऑपरेशन वज्रपात” लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत थाना तहबरपुर पुलिस ने इंस्टाग्राम पर तलवार और डमी कट्टा लहराते हुए रील बनाकर प्रसारित करने वाले दो युवकों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में सोशल मीडिया पर भय, दबंगई और गैंग संस्कृति का प्रदर्शन करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान पुलिस की साइबर टीम ने एक इंस्टाग्राम आईडी को चिन्हित किया, जिस पर आपत्तिजनक वीडियो और रील प्रसारित किए जा रहे थे।
तलवार और डमी कट्टा लहराते हुए बनाई रील
पुलिस ने जिस इंस्टाग्राम आईडी @RKBHAIAZAMGARH_MTL_0999 को चिन्हित किया, उस पर रवि कुमार पुत्र स्वर्गीय शिवशंकर राम और सत्यानन्द कुमार पुत्र स्वर्गीय ओमप्रकाश, निवासीगण ग्राम रमनीपुर, थाना तहबरपुर, आजमगढ़ द्वारा तलवार एवं डमी कट्टा लहराते हुए वीडियो/रील बनाए गए थे।
वीडियो में हथियारों का प्रदर्शन करते हुए युवकों का अंदाज दबंगई वाला था। पुलिस का कहना है कि इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने से आम लोगों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होने की आशंका रहती है। पुलिस ने वीडियो को गंभीरता से लेते हुए दोनों युवकों को चिन्हित किया और उनके संबंध में जानकारी जुटाई।
पूछताछ में पुलिस से ही उलझ गए युवक
वीडियो के संबंध में पुलिस द्वारा दोनों युवकों से पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान दोनों युवक पुलिस बल से कहासुनी करने लगे और विवाद बढ़ने पर हाथापाई पर उतर आए। दोनों फौजदारी करने पर आमादा हो गए।
स्थिति को देखते हुए थाना तहबरपुर पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ धारा 170 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर आमजन में भय पैदा करने अथवा दबंगई का माहौल बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
साइबर टीम ने की पहचान
इस कार्रवाई में थाना तहबरपुर की साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में उपनिरीक्षक सुर्लभ पाण्डेय, कांस्टेबल अनूप रावत और कांस्टेबल गोपाल शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हथियारों का प्रदर्शन, आपत्तिजनक कंटेंट और गैंग संस्कृति को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा रही है। “ऑपरेशन वज्रपात” के तहत चिन्हित किए जाने वाले ऐसे मामलों में नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
