
आजमगढ़। फर्जी मदरसा संचालित कर कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सरकारी अनुदान की धनराशि का कथित रूप से गबन करने के मामले में रौनापार पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मदरसा दर्सगाह अरबियां निस्वां, चांदपट्टी के प्रबंधक अंसार अहमद (55) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के लिए चालान किया है।
पुलिस के अनुसार, राज्य विशेष अपराध अनुसंधान शाखा (EOW), मुख्यालय लखनऊ के निरीक्षक एवं जांच अधिकारी कुंवर ब्रह्म प्रकाश सिंह की ओर से मदरसा दर्सगाह अरबियां निस्वां, चांदपट्टी, आजमगढ़ के प्रबंधक अंसार अहमद के खिलाफ शिकायत दी गई थी। आरोप है कि आपराधिक षड्यंत्र के तहत धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उन्हें असली के रूप में इस्तेमाल करते हुए सरकारी धनराशि/अनुदान का गबन किया गया।
शिकायत के आधार पर रौनापार थाने में 7 फरवरी 2025 को मुकदमा संख्या 34/2025 दर्ज किया गया था। मामले में धारा 409, 420, 467, 468 और 471 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपनिरीक्षक मानचन्द्र यादव को सौंपी गई थी।
वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को उपनिरीक्षक मानचन्द्र यादव पुलिस टीम के साथ आरोपी अंसार अहमद के गांव चांदपट्टी स्थित घर पहुंचे। पुलिस ने उसे सुबह करीब 11:50 बजे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी का चालान न्यायालय कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, अंसार अहमद के खिलाफ वर्ष 2025 में दर्ज इसी मामले के अलावा वर्ष 2019 में रौनापार थाने में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मानचन्द्र यादव, हेड कांस्टेबल संतोष मिश्रा और कांस्टेबल मो. जावेद शामिल रहे।
