
आजमगढ़। नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख रुपये की ठगी करने और फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने के मामले में तरवां पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर वन विभाग में कार्यरत होने का झांसा देकर असम राइफल्स में नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लेने, कूटरचित नियुक्ति पत्र तैयार करने और शैक्षणिक प्रमाण पत्र अपने पास रखने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
पुलिस के अनुसार, रासेपुर निवासी संदीप जायसवाल ने न्यायालय के आदेश पर तरवां थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि नागेन्द्र यादव, डब्लू यादव और दीपक गौड़ ने उसे वन विभाग में नौकरी दिलाने तथा असम राइफल्स में भर्ती कराने का झांसा दिया। आरोपियों ने नौकरी लगवाने के नाम पर उससे कुल 11 लाख रुपये ले लिए।
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने संदीप के नाम से कथित तौर पर कूटरचित नियुक्ति पत्र तैयार कर उसे भेजा और उसके मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी अपने पास रख लिए। इतना ही नहीं, नौकरी लगने का विश्वास दिलाकर उसे गुवाहाटी भी भेजा गया, लेकिन बाद में उसकी नौकरी नहीं लगवाई गई।
पीड़ित ने जब अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों पर जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया। मामले में न्यायालय के आदेश के बाद 1 जुलाई 2026 को तरवां थाने में मुकदमा संख्या 137/2026 दर्ज किया गया। मुकदमे में धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल और धमकी से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक रुपेश कुमार सिंह कर रहे हैं। सोमवार को पुलिस टीम ने मुकदमे में नामजद आरोपी नागेन्द्र यादव पुत्र राजनाथ यादव (27) निवासी पहलवानपुर, थाना तरवां को रासेपुर बाजार से सुबह करीब 9:45 बजे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी का चालान न्यायालय कर दिया।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रुपेश कुमार सिंह और कांस्टेबल अरविन्द कुमार शामिल रहे।
