
आजमगढ़। नारी शक्ति संस्थान की ओर से 17वें नारी शक्ति डांडिया महोत्सव-2026 का आयोजन शहर के सिधारी स्थित श्रीमन मंगलम होटल में किया गया। ‘फूल बिछाओ डगरिया में, माता रानी पधारी नगरिया में’ की भक्तिमय गूंज के बीच आयोजित महोत्सव में महिलाओं ने डांडिया नृत्य के जरिए भक्ति, उत्साह और भारतीय संस्कृति की मनोहारी छटा बिखेरी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कंचन मिश्रा के साथ संस्था अध्यक्ष मंजू उपाध्याय एवं संरक्षक मंडल की रानी अनामिका सिंह, सुधा तिवारी, प्रियंका पांडेय, डॉ. प्रीति गुप्ता, मधु तिवारी, दीपशिखा पांडेय, डॉ. नेहा दुबे और श्वेता यादव ने मां दुर्गा की आरती कर किया। इसके बाद संस्था की पदाधिकारियों ने वैदिक रीति से नवदुर्गा पूजन किया। नवदुर्गा के स्वरूप में सजी बच्चियों ने अपनी प्रस्तुति से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था अध्यक्ष मंजू उपाध्याय ने की, जबकि अंशु अस्थाना और प्रत्यक्षा तिवारी ने संयुक्त रूप से संचालन किया। ‘मैं तो आरती उतारूं रे’, ‘हे नाम रे, सबसे बड़ा तेरा नाम’, ‘शेर पर सवार भइल माई मयरिया’ और ‘फूल बिछाओ डगरिया में, माता रानी पधारी नगरिया में’ जैसे भक्ति गीतों पर डांडिया नृत्य शुरू हुआ तो देर रात तक महिलाएं झूमती रहीं। पूरे आयोजन में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
संस्था की बच्चियों मानसी प्रकाश, वंशिका, मनस्वी, काजल, वैष्णवी, श्रेया, पंखुड़ी, समृद्धि, नंदनी, बागीशा, अनुपमा और रिमझिम ने ‘लहर-लहर लहराता लाली चुनरिया’ गीत पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं अनीता श्रीवास्तव, पूनम यशपाल सिंह, मीना सैनी, अमिता बरनवाल, अनामिका प्रजापति, उमा प्रजापति, सोनी सिंह और पूर्णिमा उपाध्याय ने ‘ओ जंगल के राजा, मेरी मैया को लेके आज’ गीत पर नृत्य कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण नवदुर्गा पूजन, समूह डांडिया नृत्य, डांडिया नृत्य प्रतियोगिता और डांडिया रूप सज्जा प्रतियोगिता रही। प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका गरिमा अस्थाना, श्रेया चित्रांशी और तेजस्विनी बरनवाल ने निभाई। विजयी प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पहुंचीं अतिथियों का स्वागत संस्था अध्यक्ष मंजू उपाध्याय और सचिव डॉ. पूनम तिवारी ने मांगटीका पहनाकर किया।
इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष मंजू उपाध्याय ने कहा कि नारी शक्ति संस्थान पिछले 17 वर्षों से लगातार डांडिया महोत्सव का आयोजन कर रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय सभ्यता और संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। साथ ही पूरे विश्व में सुख, समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना भी संस्थान का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
कार्यक्रम के अंत में सचिव डॉ. पूनम तिवारी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डॉ. मालती मिश्रा, विजय लक्ष्मी पांडेय, आईएमए अध्यक्ष डॉ. रजनी त्रिपाठी, डॉ. शिप्रा सिंह, प्रतिमा सिंह, मधु सिंह, दीपा गुप्ता, परम जैसवाल, डॉ. स्मारिका, डॉ. अंकिता, अधिवक्ता अनामिका सिंह, सुनीता सिंह सहित संस्थान की सदस्याएं और शहर की अन्य गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
