
आजमगढ़। जीयनपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। चौको बाजार में दो भाइयों पर जानलेवा हमला करने के मामले में वांछित आरोपी अंकित यादव पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसके कब्जे से .315 बोर का अवैध तमंचा, दो खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 19 अक्टूबर को रामप्रसाद यादव ने जीयनपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पुराने मुकदमे में सुलह नहीं करने की रंजिश को लेकर सत्यम यादव, अंकित यादव समेत 11 नामजद आरोपियों ने उन पर और उनके भाई प्रशान्त यादव पर हमला किया था। आरोपियों ने पहले मोटरसाइकिल से टक्कर मारकर दोनों को गिरा दिया, फिर लाठी-डंडों से हमला किया। इसमें रामप्रसाद यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 3:38 बजे जीयनपुर पुलिस अम्मा आईमा मोड़ से धनछुला मार्ग पर पुलिया के पास संदिग्धों की जांच और वांछित आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान अंकित यादव दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे घेरने का प्रयास किया तो उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस की आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित जवाबी फायरिंग में उसके बाएं पैर में गोली लग गई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित यादव पुत्र लक्ष्मीकान्त यादव निवासी कटियारी, थाना घोसी, जनपद मऊ के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह आजमगढ़ शहर में रहकर सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा था। 19 अक्टूबर को सत्यम यादव के बुलाने पर चौको बाजार पहुंचा था, जहां पुराने मुकदमे की रंजिश में रामप्रसाद और प्रशान्त यादव पर अन्य आरोपियों के साथ हमला किया गया था। घटना के बाद वह फरार हो गया था।
पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ और अवैध असलहे की बरामदगी के संबंध में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट ने पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह, उपनिरीक्षक जाफर खां और जीयनपुर थाने की पुलिस टीम शामिल रही।
