


आजमगढ़ जिले के विधायक पर गंभीर आरोप लगाकर लेखपाल राकेश कुमार यादव ने जिले के एसडीएम को अपना इस्तीफा दे दिया। लेखपाल द्वारा इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एसडीएम को दिए अपने इस्तीफा के तीन पन्ने में राकेश कुमार यादव ने आरोप लगाया कि मेरा ट्रांसफर अमीलो से सठियांव कर दिया गया। मुझे इस ट्रांसफर से कोई आपत्ति नहीं है। मुझे दुख इस बात की है कि मेरा स्थानान्तरण भू-माफिया व हिस्ट्रीशीटर को संरक्षण देने वाले के कारण किया गए। विधायक के दबाव में किया गया। कथित भू-माफिया द्वारा प्लाटिंग का कार्य किया जा रहा था, जिसको मेरे द्वारा तत्काल रोका गया। भू-माफिया व हिस्ट्रीशीटर द्वारा मुझसे विवाद किया गया। जान से मारने की धमकी दी गयी। फिर भी मैं डरा नहीं है। उक्त व्यक्तियों के विरूद्ध थाना-मुबारकपुर में धारा-173 बीएनएसएस के तहत अधिनियम 132, 352. 351(3) तथा सार्वजनिक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 3 व 4 प्राथमिकी दर्ज करायी। विधायक द्वारा पोषित उक्त भू-माफिया व हिस्ट्रीशीटर से बार-बार समझीता करने के लिए कहा जा रहा था। समझौता न करने पर जान से मारने व बर्बाद करने की धमकी दी जा रही थी। फिर भी मैं डरा नहीं और उक्त भू-माफियाओं से समझौता नहीं किया। मैंने पूर्ण ईमानदारी से शासन की मंशा के अनुरूपं अपने कर्तव्यों का पालन किया व सार्वजनिक सम्पत्ति का नुकसान होने से बचाया। लेकिन भू-माफिया इतने सशक्त थे कि थाना द्वारा उक्त मामले की लीपा-पोती करके FR लगा दिया गया। अपराधी सुरक्षित हो गये। एसडीएम को लिखें अपने इस्तीफा में लेखपाल राकेश कुमार यादव ने आरोप लगाया है कि वह माफिया और हिस्ट्रीशीटर मुझे जान से मारने और बर्बाद करने की धमकी दे चुके हैं। मेरा स्थानांतरण जिस जगह पर हुआ है उससे मैं बहुत डरा हुआ हूं। लेखपाल ने अपने पत्र के माध्यम से यह भी आरोप लगा है की साजिश के तहत मेरी हत्या की नीयत से मेरा स्थानांतरण भी किया गया है। ऐसे में अब सेवा में बने रहना मेरी जान माल के लिए ठीक नहीं है। अतः मेरा त्यागपत्र स्वीकार करके मुझे लेखपाल पद से मुक्त करने की कृपा करें। वही इस बारे में आजमगढ़ जिले के एसडीएम से जब लेखपाल के इस्तीफा के बारे में उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो एसडीएम सदर का फोन नहीं उठा।
विधायक बोले सारी बातें बेबुनियाद
लेखपाल द्वारा आजमगढ़ के सपा विधायक पर गंभीर आरोप लगाए जाने के सवाल पर उनका कहना है की सारी बातें बेबुनियाद हैं ना तो मेरा किसी माफिया से संबंध है। और ना ही व्यवहार है। मैं जिस क्षेत्र का विधायक हूं। उम्मीदों के साथ बनाया गया है। आरोपी लेखपाल बात-बात पर झगड़ा करता है समझने के लिए हाथ से बुलवाया था पर बुलाने पर भी नहीं आया था। ऐसे में सदन में भी इस मामले को उठाया था। सपा विधायक का कहना है कि आरोपी लेखपाल ऐसे लोगों के बीच उठता बैठता है जिनके विरुद्ध मुकदमा है। सपा विधायक ने सवाल करते हुए कहा कि ना जाने किसके कहने पर मेरी छवि खराब करना चाहता है।
मामला तूल पकड़ते ही लेखपाल ने अपने किसी पत्र के होने से इनकार कर दिया।
