


आजमगढ़ में 500 करोड़ की जीएसटी चोरी के अभियोग में वांछित दो अभियुक्त गिरफ्तार किए गए। जनपद में कर अपवंचन एवं संगठित आर्थिक अपराधों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना कन्धरापुर पुलिस द्वारा जीएसटी चोरी से संबंधित अभियोग में वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। 03 सितंबर 2025 को अविनाश चन्द्र राय, सहायक आयुक्त (प्रभारी), राज्यकर सचल दल, आजमगढ़ द्वारा प्रातः 06:12 बजे एवं 07:21 बजे क्रमशः वाहन संख्या UP14GT6325 एवं P810HX4887 (माल – आयरन स्क्रैप, HSN 7204) को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट जनपद आजमगढ़ में जांच हेतु रोका गया था। जांच के दौरान पाया गया कि क्रेता, विक्रेता द्वारा अस्तित्वहीन, बोगस फर्मों के नाम पर कूटरचित इनवॉयस एवं ई-वे बिल जारी कर “Old Iron Teen Tapper Scrap” का परिवहन किया जा रहा था, जो कि जीएसटी अधिनियम-2017 की धारा-31 सहपठित नियम-46 एवं ई-वे बिल नियम 138 का उल्लंघन है तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
प्रकरण में कई फर्मों की संलिप्तता पाई गई जिसमें—
• सर्वश्री विद्या ट्रेडर्स, रायपुर, छत्तीसगढ़
• सर्वश्री अविराज ट्रेडिंग, शिमला, हिमाचल प्रदेश
• श्री मुनि जी ट्रांसपोर्ट कंपनी, पटना, बिहार
• अन्य संगठित फ्रॉडस्टर समूह हैं।
उक्त संबंध में थाना कन्धरापुर पर धारा 318(4) बीएनएस पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई, जिसकी विवेचना व0उ0नि0 रमेश कुमार द्वारा की जा रही थी।
विवेचना के दौरान साक्ष्य संकलन, सीडीआर विश्लेषण एवं तकनीकी जांच में दो अभियुक्तों की संलिप्तता प्रकाश में आई। अभियुक्त—
- विजय कुमार यादव पुत्र बहादुर यादव, निवासी ग्राम तकिया गोपालपुर, थाना नवीन मॉडर्न, जनपद श्रावस्ती (उम्र लगभग 55 वर्ष)
- अविराज शर्मा पुत्र विमलेश शर्मा, निवासी बी-152C प्रगति बिहार, चौधरी चट्टी के पास, कल्याणपुर विकास नगर, थाना गुडम्बा, जनपद लखनऊ कमिश्नरेट (उम्र लगभग 21 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान पाया गया कि अविराज ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर पैन कार्ड, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर एवं अन्य दस्तावेजों का उपयोग कर फर्म का पंजीयन कराया गया। जीएसटी विभागीय जांच में उक्त फर्म कूटरचित पाई गई, जबकि उसके नाम पर माल की खरीद दर्शाई गई, जिससे राजस्व की हानि हुई।
सीडीआर विश्लेषण से अभियुक्त विजय कुमार यादव द्वारा घटना के समय अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से निरंतर संपर्क में होना पाया गया। साक्ष्यों के आधार पर धारा 3(5), 318(4), 111, 336(3), 338, 339, 340(2) बीएनएस के अंतर्गत अपराध कारित किए जाने के प्रमाण प्राप्त हुए।
अभियुक्तगण को गिरफ्तारी के कारण से अवगत कराकर नियमानुसार गिरफ्तार किया गया। अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है। बरामदगी में
• 01 अदद लैपटॉप
• 01 पारदर्शी डिब्बे में 04 अदद मोबाइल फोन
• आधार कार्ड एवं पैन कार्ड शामिल है।
