


आजमगढ़: पीयूष मोर्डिया, अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन, वाराणसी द्वारा जनपद आजमगढ़ का वार्षिक निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर सुनील कुमार सिंह, पुलिस उप-महानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र एवं डॉ. अनिल कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
सर्वप्रथम एडीजी द्वारा पुलिस लाइन, आजमगढ़ में भव्य परेड की सलामी ली गई। टोलीवार परेड का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया तथा निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया—
• जवानों का अनुशासन एवं टर्नआउट
• शस्त्र संचालन की दक्षता
• मार्च-पास्ट की एकरूपता एवं समन्वय
• कमांड एवं नियंत्रण प्रणाली
• प्रशिक्षण की गुणवत्ता
एडीजी द्वारा परेड की सराहना करते हुए बल को उच्च स्तरीय अनुशासन बनाए रखने एवं नियमित प्रशिक्षण पर विशेष बल देने के निर्देश दिए गए।
परेड निरीक्षण के उपरांत पुलिस लाइन परिसर में नव-निर्मित “शौर्य सभागार” का विधिवत उद्घाटन किया गया।
सभागार की प्रमुख विशेषताएँ—
• लगभग 700 से अधिक व्यक्तियों की बैठने की क्षमता
• आधुनिक ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था
• विभागीय गोष्ठियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं आधिकारिक बैठकों हेतु उपयुक्त
• पुलिस कर्मियों के सामूहिक संवाद एवं प्रेरणा हेतु समर्पित स्थल
एडीजी ने इसे पुलिस प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
एडीजी द्वारा पुलिस लाइन स्थित विभिन्न शाखाओं एवं व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया गया, जिनमें—
• निर्माणाधीन भवन
• आरटीसी बैरक
• पुलिस स्टोर
• मेस एवं सैलून
• जीडी कार्यालय
• गणना कार्यालय
• डायल-112 कार्यालय
• डीसीआर
• एमटी शाखा
• कम्प्यूटर लैब
• “नन्हे सितारे” कॉरिडोर, अन्य शाखाओं का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, अभिलेखों का रख-रखाव, शस्त्र एवं संसाधनों का संधारण, वाहनों की स्थिति तथा कार्यालयीन कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस लाइन निरीक्षण के उपरांत एडीजी द्वारा जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के साथ अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में निम्न बिंदुओं पर विशेष चर्चा की गई—
• लंबित विवेचनाओं का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
• महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्यवाही
• साइबर अपराधों की रोकथाम एवं तकनीकी सुदृढ़ता
• संगठित अपराध एवं गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई
• वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी
• कानून-व्यवस्था की सुदृढ़ता एवं जनविश्वास में वृद्धि
एडीजी, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जनसुनवाई की गई।
• फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया।
• संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया।
• गुणवत्तापूर्ण समाधान को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।
जनसुनवाई के पश्चात पुलिस कार्यालय, आजमगढ़ का निरीक्षण किया गया। निम्न शाखाओं का अवलोकन किया गया—
• पत्र व्यवहार शाखा
• आंकिक शाखा
• डीसीआरबी
• एलआईयू
• महिला प्रकोष्ठ
• जन शिकायत प्रकोष्ठ
• फील्ड यूनिट
• विशेष जांच प्रकोष्ठ
अभिलेखों के अद्यतन संधारण, डिजिटलीकरण की प्रगति एवं कार्यों की पारदर्शिता पर विशेष बल दिया गया।
तत्पश्चात थाना नगर कोतवाली का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान—
• थाना कार्यालय
• मालखाना
• बैरक
• मेस
• शौचालय
• मिशन शक्ति कार्यालय
• अभिलेख
का परीक्षण किया गया। मालखाने में जब्त माल की सुरक्षित प्रविष्टि, लंबित माल के निस्तारण तथा महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशील व त्वरित कार्रवाई हेतु निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह, प्रशिक्षणाधीन एएसपी प्रेमसुख दरिया, क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी, सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
निरीक्षण के समापन पर एडीजी द्वारा जनपद पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की मजबूती, पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं जनविश्वास को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु निरंतर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
