
आजमगढ़। जिले में भ्रष्टाचार और कदाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जिले के 16 थानों में तैनात 34 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। इन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध लंबे समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में कई पुलिसकर्मी आर्थिक अनियमितताओं और कदाचार में संलिप्त पाए गए, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में कुछ ऐसे भी शामिल हैं, जो वर्षों से थानों और पुलिस चौकियों पर जमे हुए थे और उन पर अवैध वसूली व आर्थिक लाभ लेने के गंभीर आरोप थे। एसएसपी ने साफ संदेश दिया है कि जिले में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों में सब-इंस्पेक्टर को जेल भेजा जा चुका है और कई पुलिसकर्मी निलंबित हो चुके हैं। कार्रवाई के तहत गंभीरपुर थाने के चार पुलिसकर्मियों—योगेंद्र मौर्य (पासपोर्ट सेल), आनंद पांडेय, रत्नेश और सुरेश—को लाइन हाजिर किया गया है। गंभीरपुर थाना क्षेत्र में पासपोर्ट के नाम पर आर्थिक अपराध के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इसके अलावा देवगांव कोतवाली, मुबारकपुर, पवई, दीदारगंज, मेंहनगर, बिलरियागंज, महाराजगंज, अतरौलिया, अहिरौला, तहबरपुर, निजामाबाद, जहानागंज, कप्तानगंज, सरायमीर और रानी की सराय थानों से जुड़े कुल 34 पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन भेजा गया है। इसके साथ ही जिले की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से 19 थानों से 94 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण भी किया गया है। इनमें सिधारी, रानी की सराय, कंधरापुर, मुबारकपुर, कोतवाली, रौनापार, अतरौलिया सहित अन्य थाने शामिल हैं। लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात पुलिसकर्मियों को दूसरे थानों में भेजा गया है। वहीं बरदह थाने पर पासपोर्ट कार्य देख रहे अजीत कुशवाहा के खिलाफ भी पासपोर्ट के नाम पर आर्थिक अपराध की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
