






आजमगढ़ पटवध से बबलू राय आजमगढ़/प्रयागराज: बेसिक शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रधान सहायक विधि चंद्र यादव को गंभीर अनियमितताओं के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रयागराज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय के निर्देश पर, संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
जांच में सामने आया कि चंद्र यादव ने संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों से जुड़े मामलों में व्यापक गड़बड़ी की। विशेष रूप से देवानंद संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रामगढ़ (आजमगढ़) के प्रकरण में, अनुदान सूची से बाहर किए जा चुके विद्यालय में गलत तरीके से नियुक्तियों को अनुमोदित कराया गया।
इसके अलावा, उन पर आरोप है कि उन्होंने तथ्यों को छिपाकर विभागीय अधिकारियों को गुमराह किया, फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और विद्यालय की मूल पत्रावली में हेरफेर की। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली आजमगढ़ में संबंधित धाराओं में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है।
चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि प्रकरण उजागर होने के बाद मीडिया कर्मियों को धमकाने के आरोप में भी उनके खिलाफ अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर विभाग ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के तहत निलंबन की कार्रवाई की है। साथ ही, विभागीय जांच के लिए बस्ती मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान चंद्र यादव को उप शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), बस्ती कार्यालय से संबद्ध किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
