
आजमगढ़। अतरौलिया थाना क्षेत्र के चिस्तीपुर गांव में सर्पदंश से ढाई वर्षीय मासूम की मौत हो जाने से परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने उपचार के लिए पहले अतरौलिया के सौ शैय्या अस्पताल और फिर टांडा पीजीआई ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, चिस्तीपुर गांव निवासी रामबदन का ढाई वर्षीय पोता उत्कर्ष, पुत्र राजू, बुधवार शाम करीब तीन बजे घर में खेल रहा था। इसी दौरान उसे जहरीले सांप ने डस लिया। परिजन तत्काल उसे अतरौलिया स्थित सौ शैय्या चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे टांडा पीजीआई रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर टांडा जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
उत्कर्ष अपनी दो बहनों का इकलौता भाई था। उसकी असमय मौत से पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। मां कविता और दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि मृतक के पिता राजू मेहनत-मजदूरी करते हैं और रोजगार के सिलसिले में करीब दस दिन पहले दिल्ली गए हुए थे।
मृतक के दादा रामनयन ने अतरौलिया थाने में तहरीर देकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की। थाना प्रभारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि सर्पदंश से बच्चे की मौत की सूचना मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी।
आशीष कुमार निषाद की रिपोर्ट
