






आजमगढ़, 09 अप्रैल 2026। जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फर्जी साइबर अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अंजाम दिया गया।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 17 जनवरी 2025 का है, जब महाराजगंज थाना क्षेत्र के झोटीपुर निवासी नागेंद्र मिश्र के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने खुद को साइबर क्राइम अधिकारी बताते हुए कॉल किया। आरोपी ने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग के एक फर्जी मामले में फंसाने की बात कहकर गिरफ्तारी का डर दिखाया और मामले को खत्म कराने के नाम पर अलग-अलग खातों में कुल 34,87,998 रुपये जमा करा लिए।
इस संबंध में पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम थाना में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने पहले ही दो आरोपियों—कौशिक सरवैया और भगीरथ सिंह जाला—को गिरफ्तार कर लिया था। आगे की जांच में गिरोह के एक अन्य सदस्य आदिल हुसैन पुत्र इमामुल हक निवासी परसा उर्फ अगलहवा, जनपद गोरखपुर का नाम सामने आया।
साइबर क्राइम थाना की टीम ने 8 अप्रैल 2026 को गोरखपुर से आरोपी आदिल हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किया गया, जिसका उपयोग ठगी के इस नेटवर्क में किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड करता था। वह ठगी से प्राप्त धनराशि अपने खातों में मंगाकर यूपीआई के माध्यम से अन्य साथियों के खातों में ट्रांसफर कर देता था, जहां से रकम निकालकर आपस में बांट ली जाती थी। इसके अलावा वह गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने में भी सक्रिय भूमिका निभाता था।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर क्राइम थाना की प्रभारी निरीक्षक विभा पांडेय, उप निरीक्षक योगेंद्र प्रसाद यादव, कांस्टेबल एजाज खान, सभाजीत मौर्य, विकास कुमार और चालक महिपाल यादव की अहम भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल पर खुद को अधिकारी बताने वाले व्यक्ति के झांसे में न आएं और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
