






आजमगढ़, 09 अप्रैल 2026। जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र में साइबर फ्रॉड के एक मामले का सफल अनावरण करते हुए पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है। एटीएम कार्ड और यूपीआई के दुरुपयोग से ठगी गई ₹3,25,000 की पूरी धनराशि पुलिस टीम द्वारा वापस करा दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अराजीबाग निवासी रीना प्रजापति ने कोतवाली थाना में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका एटीएम कार्ड प्राप्त कर उसका पिन जनरेट कर लिया और उनके बैंक खाते से लगभग ₹3.25 लाख रुपये निकाल लिए। इस धोखाधड़ी की जानकारी उन्हें 2 अप्रैल 2026 को हुई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली थाना की साइबर टीम ने तत्काल जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण के दौरान पता चला कि पीड़िता के परिचित आशीष कुमार प्रजापति, निवासी सठियांव थाना मुबारकपुर, ने ही एटीएम कार्ड का दुरुपयोग किया। उसने मोबाइल के माध्यम से एटीएम पिन जनरेट किया और ओटीपी हासिल कर यूपीआई (फोनपे) आईडी बनाकर एटीएम और यूपीआई दोनों माध्यमों से अलग-अलग किस्तों में पूरी रकम निकाल ली।
पुलिस टीम ने तत्परता और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए नियमानुसार कार्रवाई की और पीड़िता की पूरी ₹3,25,000 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी। इस कार्रवाई से पीड़िता ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी अक्सर ओटीपी, पिन और अन्य गोपनीय जानकारी प्राप्त कर इस तरह की ठगी को अंजाम देते हैं। इसके अलावा फर्जी केवाईसी अपडेट, यूपीआई रिक्वेस्ट, क्यूआर कोड स्कैन, ऑनलाइन खरीद-बिक्री, सोशल मीडिया हैकिंग और स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए भी लोगों को निशाना बनाया जाता है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, पिन या सीवीवी साझा न करें। किसी भी अनजान कॉल, लिंक या क्यूआर कोड से सावधान रहें और केवल अधिकृत ऐप व वेबसाइट का ही उपयोग करें। साथ ही अपने बैंकिंग विवरण पूरी तरह गोपनीय रखें।
जनहित में पुलिस ने यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति के खाते से बिना जानकारी के धनराशि कटती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in� पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही अपने बैंक और नजदीकी थाने को तत्काल सूचना देना भी आवश्यक है।
इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक सागर कुमार रंगु, कांस्टेबल नीरज पटेल और कांस्टेबल विवेक कुमार साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
