






आजमगढ़ में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर कथित धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला सामने आया है। इस संबंध में वादी आलोक सिंह (उम्र लगभग 50 वर्ष), निवासी मौजा बड़या, थाना अतरौलिया, जनपद आजमगढ़ ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रार्थना पत्र संख्या 114/2026 दाखिल किया है।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि विपक्षीगण—विमलेश कुमार यादव, शेरबहादुर सिंह, विवेक कुमार सिंह, आशीष मिश्र, दुर्गेश कुमार यादव तथा सत्येन्द्र वर्मा—ने मिलकर जमीन के सौदे में धोखाधड़ी की। वादी के अनुसार, सरायसादी क्षेत्र की निवासी कलावती देवी, जो लगभग 0.5870 हेक्टेयर भूमि की मालिक हैं, ने उक्त भूमि का सौदा लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये में तय किया था। इसके लिए 10 अक्टूबर 2025 को एक अनुबंध भी किया गया।
आरोप है कि विपक्षीगण ने साजिश के तहत कलावती देवी को बहलाकर 13 नवंबर 2025 को रजिस्ट्री कार्यालय ले जाकर उनकी इच्छा के विरुद्ध बैनामा करवा लिया। इतना ही नहीं, अगले ही दिन 24 लाख रुपये उनके खाते में जमा कर दिए गए, ताकि लेन-देन को वैध दिखाया जा सके। वादी का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई गलत नीयत और अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से की गई।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले की सूचना 28 नवंबर 2025 को एसएसपी आजमगढ़ को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वादी ने आरोप लगाया कि स्थानीय थाना सिधारी में भी शिकायत देने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रभाव के चलते मामला दर्ज नहीं किया गया।
वादी ने न्यायालय से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराई जाए, ताकि न्याय मिल सके।
मामले ने जिले में जमीन खरीद-फरोख्त में हो रही कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है।
