






आजमगढ़।
महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय की सम सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान उड़ाका दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन छात्राओं को नकल करते हुए पकड़ लिया, जिन्हें तत्काल प्रभाव से रिस्टीकेट कर दिया गया। इसके साथ ही कई महाविद्यालयों में सामूहिक नकल के मामले भी सामने आए हैं, जिन पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार के निर्देश पर गठित उड़ाका दल की नोडल टीम—डॉ. पंकज सिंह, डॉ. शफीउज्जमा एवं डॉ. सुरेंद्र पाण्डेय—ने औचक निरीक्षण के दौरान श्री रामदवर पाण्डेय महाविद्यालय, लारादपुर (ओरिल) में द्वितीय पाली की बीए चतुर्थ सेमेस्टर हिंदी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा में एक ही कक्ष में तीन छात्राओं को ‘श्योर सीरीज़’ के माध्यम से नकल करते हुए पकड़ा।
निरीक्षण के दौरान टीम को परीक्षा कक्ष के बाहर से उसी विषय और प्रश्नपत्र से संबंधित चार और ‘श्योर सीरीज़’ भी बरामद हुईं, जिन्हें सीलबंद कर विश्वविद्यालय को सौंप दिया गया।
इसके अलावा, तृतीय पाली की परीक्षा में माँ बबुना महाविद्यालय, बरदह में भी निरीक्षण के दौरान सामूहिक नकल की पुष्टि हुई, जिसकी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी गई। वहीं, बीएससी प्रथम वर्ष द्वितीय सेमेस्टर की बॉटनी परीक्षा के दौरान फूला देवी मंगरू सिंह महाविद्यालय में भी सामूहिक नकल की शिकायत दर्ज कराई गई है।
मीडिया प्रभारी डॉ. प्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि कुलपति ने उड़ाका दल की सराहना करते हुए स्पष्ट कहा है कि परीक्षा की शुचिता और पवित्रता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले महाविद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नियमों के तहत शीघ्र कार्रवाई करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप नकलविहीन परीक्षा व्यवस्था को हर हाल में लागू किया जाए।
