






आजमगढ़ के रौनापार थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के जरिए दोबारा पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने गांव गांगेपुर निवासी तीन सगे भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि तीनों ने पुराने पासपोर्ट की जानकारी छिपाकर नाम और पते में बदलाव करते हुए नए पासपोर्ट हासिल कर लिए।
मामले का खुलासा क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ से प्राप्त सूचना के बाद हुई जांच में हुआ। उपनिरीक्षक अनुराग कुमार पांडेय ने थानाध्यक्ष रौनापार को दी गई तहरीर में बताया कि गांगेपुर निवासी अमरजीत यादव, चंद्रजीत यादव और शिवानंद यादव पुत्र जयराम यादव के पासपोर्ट संबंधी अभिलेखों की जांच की गई थी।
जांच में पता चला कि चंद्रजीत यादव ने वर्ष 2014 में पासपोर्ट बनवाने के बाद वर्ष 2018 में “इंद्रजीत” नाम से दूसरा पासपोर्ट जारी करा लिया। इसी तरह अमरजीत यादव ने पहले से बने पासपोर्ट की जानकारी छिपाते हुए नाम व पता बदलकर वर्ष 2023 में नया पासपोर्ट बनवा लिया। वहीं शिवानंद यादव ने “आनंद यादव” नाम से दूसरा पासपोर्ट प्राप्त किया।
पुलिस के मुताबिक तीनों भाइयों ने कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर व्यक्तिगत विवरण में बदलाव किया और फ्रेश कैटेगरी में नए पासपोर्ट जारी करा लिए। प्रथम दृष्टया मामला धोखाधड़ी और दस्तावेजों में हेरफेर का पाया गया है।
थानाध्यक्ष सुनील कुमार दूबे के निर्देश पर आरोपितों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
