स्वास्थ्य केंद्रों पर सीएमओ का औचक निरीक्षण, डॉक्टर और वार्ड ब्वाय का वेतन रोका, अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई, दो दिन में मांगा स्पष्टीकरण; आरोग्य मेले में 1,792 मरीजों का हुआ उपचार

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आजमगढ़। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला के तहत शनिवार को अहरौला विकासखंड के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पीएचसी माहुल, पीएचसी शाहपुर, पीएचसी भदवारा और सीएचसी अहरौला की स्वास्थ्य सेवाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति एवं मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई।
पीएचसी माहुल में संबद्ध चिकित्सक ड्यूटी से अनुपस्थित मिले, जबकि अन्य कर्मचारी उपस्थित पाए गए। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सीएमओ ने संबंधित चिकित्सक का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने तथा दो कार्यदिवस के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर में नियमित वार्ड ब्वाय मिथुन उपाध्याय भी निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने उनका वेतन भी अग्रिम आदेश तक रोकने के साथ दो कार्यदिवस में स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र परिसर की साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
भदवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट, एएनएम, नर्स एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित मिले और मरीजों को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं मिलती पाई गईं। निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ के युक्तिकरण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
निरीक्षण के अंतिम चरण में सीएचसी अहरौला का जायजा लिया गया। अवकाश होने के कारण नियमित ओपीडी बंद थी, लेकिन आपातकालीन सेवाएं सुचारु रूप से संचालित मिलीं। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित पाए गए, जिस पर सीएमओ ने संतोष व्यक्त किया।
सीएमओ डॉ. एन. आर. वर्मा ने बताया कि जनपद में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के तहत सभी 76 केंद्रों पर सफलतापूर्वक स्वास्थ्य मेले आयोजित किए गए। इन मेलों में 1,792 मरीजों का उपचार किया गया, जिनमें 786 पुरुष, 810 महिलाएं और 196 बच्चे शामिल रहे। बेहतर उपचार के लिए 9 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया गया तथा 35 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाए गए।
रोगवार आंकड़ों के अनुसार 301 मधुमेह, 293 गैस्ट्रो, 202 त्वचा रोग, 153 श्वसन रोग, 98 उच्च रक्तचाप, 92 गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच, 126 कुपोषित बच्चों, 28 यकृत रोग, 24 एनीमिया तथा 11 टीबी मरीजों का उपचार कर निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं। कोविड हेल्प डेस्क पर 156 लोगों की स्वास्थ्य जांच भी की गई।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और लापरवाही या अनुशासनहीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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