मालदीव में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाला गिरफ्तार, फर्जी वर्क परमिट बरामद, इंटरनेट से डाउनलोड टेम्पलेट में एडिटिंग कर बनाता था फर्जी दस्तावेज, कई लोगों से ठगी की आशंका

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आजमगढ़। जनपद में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर सेल और सिधारी पुलिस की संयुक्त टीम ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो फर्जी मालदीव वर्क परमिट, एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड, नकदी और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) पंकज श्रीवास्तव तथा क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में प्रभारी साइबर सेल उपनिरीक्षक रवि प्रकाश गौतम के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार 5 जुलाई को प्रतिबिंब पोर्टल पर संदिग्ध बैंक खातों और एटीएम हॉटस्पॉट की जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति मालदीव में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा है। सूचना के आधार पर यादव ढाबा के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुकेश यादव (29 वर्ष) पुत्र चन्द्रभूषण यादव, निवासी हैदराबाद (छतवारा), थाना सिधारी के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह इंटरनेट से मालदीव के मूल वर्क परमिट का प्रारूप डाउनलोड कर मोबाइल में एडिटिंग करता था और विभिन्न लोगों के नाम से फर्जी वर्क परमिट तैयार कर व्हाट्सएप या प्रिंट कॉपी के माध्यम से भेजकर उनसे रुपये वसूलता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले मुंबई में मर्चेंट नेवी से जुड़े कार्य में था। वहीं बने पुराने संपर्कों का फायदा उठाकर वह विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देता था और मालदीव सहित अन्य देशों में रोजगार का लालच देकर लोगों से ठगी करता था।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी ने अपनी भाभी के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर यूनियन बैंक में खाता खुलवाया था। समन्वय पोर्टल पर जांच में पश्चिम बंगाल के एक शिकायतकर्ता से विदेश भेजने के नाम पर ₹21 हजार की ऑनलाइन ठगी का मामला भी सामने आया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कुल ₹35 हजार में विदेश भेजने का सौदा किया था, जिसमें ₹21 हजार लेकर फर्जी वर्क परमिट उपलब्ध कराया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही उसके नेटवर्क, बैंक खातों, सहयोगियों और अन्य संभावित पीड़ितों की जांच की जा रही है।
पुलिस की अपील: विदेश में नौकरी, वीजा या वर्क परमिट दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को धनराशि देने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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