
आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के रसूलपुर माहुल स्थित शाहनाज मेमोरियल अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद गुरुवार देर शाम जमकर हंगामा हो गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान अस्पताल में मानकों के उल्लंघन की आशंका मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को सील कर दिया। अन्य अनियमितताओं की भी जांच कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पवई थाना क्षेत्र के नाटी गांव निवासी ओमकार मौर्य ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी करिश्मा मौर्य को 15 जुलाई 2026 को प्रसव पीड़ा होने पर शाहनाज मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया और खून की आवश्यकता बताते हुए परिजनों से ब्लड की व्यवस्था करने को कहा।
ओमकार मौर्य का आरोप है कि उनकी पत्नी को गलत ब्लड ग्रुप का रक्त चढ़ा दिया गया, जिसके बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल प्रशासन ने उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि वहां के चिकित्सकों ने बताया कि गलत ब्लड चढ़ाए जाने के कारण मरीज की हालत गंभीर हुई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
प्रसूता की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए तथा अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। उन्होंने दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
रात में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में अस्पताल का संचालन एक BUMS चिकित्सक के नाम पर होने तथा बिना निर्धारित मानकों के ऑपरेशन किए जाने की बात सामने आने पर ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया गया। टीम को अन्य कई अनियमितताएं भी मिली हैं, जिनकी जांच जारी है।
अहरौला थानाध्यक्ष मंतोष सिंह ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: गलत ब्लड चढ़ाए जाने का आरोप परिजनों द्वारा लगाया गया है। इसकी पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
