10 साल पुराने चर्चित हत्याकांड में चार दोषियों को उम्रकैद, तीन पर ₹10-10 हजार और एक पर ₹20 हजार का जुर्माना

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आजमगढ़। जनपद पुलिस के “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते वर्ष 2016 के हत्या के एक चर्चित मामले में चार आरोपियों को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीन दोषियों पर 10-10 हजार रुपये तथा एक दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
मामला तहबरपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2016 को मधेशिया गांव निवासी फिरतू पुत्र बैजनाथ पासी ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि गांव के मोदी कन्नौजिया, पिंटू, बलिराम और मनीष राय ने उसके पुत्र हरेन्द्र की गला रेतकर हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया।
इस मामले में थाना तहबरपुर पर मु0अ0सं0 01/2016 के तहत धारा 302/34 भादवि एवं 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान कराए गए।
प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप 17 जुलाई 2026 को स्पेशल जज (एससी/एसटी) कोर्ट, आजमगढ़ ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया। न्यायालय ने मोदी कन्नौजिया, पिंटू और बलिराम को आजीवन कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये तथा मनीष राय को आजीवन कारावास के साथ 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
यह कार्रवाई जनपद पुलिस के ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना और सशक्त अभियोजन का एक महत्वपूर्ण परिणाम मानी जा रही है।

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