
आजमगढ़। शहर के मड़या वार्ड में तमसा नदी के किनारे स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के वीर एकलव्य घाट के दिन अब बहुरने वाले हैं। लंबे समय से बदहाल रास्ते और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे इस घाट के विस्तारीकरण एवं सुंदरीकरण की योजना को आखिरकार धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। शनिवार को प्राचीन मंदिर के चबूतरे पर विधि-विधान के साथ हवन-पूजन कर करीब 60 लाख रुपये की लागत से होने वाले घाट के सुंदरीकरण कार्य का शिलान्यास किया गया। शिलान्यास के साथ ही स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में घाट के कायाकल्प की उम्मीद जगी है।
कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन किया गया। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने घाट के विकास की इस पहल को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। लोगों का कहना है कि यदि प्रस्तावित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा होता है तो न सिर्फ धार्मिक आयोजनों में आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, बल्कि तमसा नदी के किनारे स्थित इस स्थल की खूबसूरती भी बढ़ेगी।
धार्मिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र है वीर एकलव्य घाट
तमसा नदी के किनारे स्थित वीर एकलव्य घाट लंबे समय से स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है। यहां समय-समय पर विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजन और अन्य कार्यक्रम आयोजित होते हैं। छठ पूजा के दौरान घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। पर्व के दौरान महिलाएं और परिवार तमसा नदी के किनारे पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।
इसके अलावा अन्य धार्मिक अवसरों और विशेष पूजन कार्यक्रमों में भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। बावजूद इसके घाट तक पहुंचने के लिए समुचित मार्ग की व्यवस्था नहीं थी। खराब और असुविधाजनक रास्ते के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी होती थी। कई स्थानों पर रास्ता ऐसा है कि थोड़ी सी असावधानी होने पर लोगों के गिरने का खतरा बना रहता है।
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए लंबे समय से घाट के विकास और सुंदरीकरण की मांग उठती रही थी।
चुनाव के दौरान किया गया वादा अब धरातल पर
वीर एकलव्य घाट के विकास की यह योजना लोकसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे से भी जुड़ी हुई है। लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ का कार्यक्रम इस क्षेत्र में आयोजित हुआ था। उस दौरान स्थानीय लोगों ने घाट की बदहाल स्थिति और श्रद्धालुओं की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया था।
बताया गया कि कार्यक्रम के दौरान निरहुआ ने घाट के सुंदरीकरण और विकास का आश्वासन दिया था। इसके बाद उनके लेटर पैड पर प्रदेश के पर्यटन विकास मंत्रालय की ओर से इस कार्ययोजना को मंजूरी मिली। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अजय सिंह के विशेष प्रयासों से परियोजना को स्वीकृति मिलने की बात सामने आई है।
परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इससे स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
पहले चरण में रास्ते से लेकर रोशनी तक की होगी व्यवस्था
करीब 60 लाख रुपये की लागत से होने वाले कार्य में घाट को सुविधाजनक और आकर्षक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य प्रस्तावित हैं। योजना के प्रथम चरण में घाट तक पहुंचने वाले रास्ते पर इंटरलॉकिंग कराई जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।
घाट परिसर में पेयजल की व्यवस्था भी की जाएगी। रात के समय श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। इसके साथ ही घाट तक पहुंचने के लिए बेहतर मार्ग तैयार किया जाएगा। अन्य आवश्यक जनसुविधाओं से जुड़े कार्य भी परियोजना के तहत कराए जाने हैं।
इन सुविधाओं के विकसित होने के बाद धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां आने वाले लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
सुंदरीकरण के बाद बढ़ेगा घाट का आकर्षण
तमसा नदी के किनारे स्थित वीर एकलव्य घाट को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने की योजना से इसके धार्मिक महत्व के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आकर्षण भी बढ़ने की उम्मीद है। साफ-सुथरा और बेहतर तरीके से विकसित घाट होने से धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर माहौल मिलेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तमसा नदी के किनारे शहर के कई ऐसे स्थल हैं, जिनका बेहतर विकास होने पर धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा मिल सकती है। वीर एकलव्य घाट का सुंदरीकरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
शिलान्यास में जुटे भाजपा पदाधिकारी और गणमान्य लोग
शिलान्यास कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष माला द्विवेदी ने किया। इस दौरान पर्यटन मंत्री के ओएसडी की पत्नी एवं आजमगढ़ की बेटी मंजू सिंह, पर्यटन विभाग की जेई चांदनी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय सिंह, नगर अध्यक्ष मृगांक शेखर सिन्हा, मोनू विश्वकर्मा, अरविंद सिंह, सभासद मुन्ना निषाद समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने घाट के विकास की स्वीकृति और शिलान्यास को क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। लोगों ने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित कार्य जल्द पूरा होने के बाद वीर एकलव्य घाट धार्मिक आयोजनों के लिए और अधिक सुविधाजनक बन सकेगा।
वर्षों की परेशानी के बाद विकास की उम्मीद
घाट तक पहुंचने के खराब रास्ते और सुविधाओं की कमी के कारण अब तक यहां आने वाले श्रद्धालुओं को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता था। विशेष पर्वों पर जब भीड़ बढ़ती थी तो समस्या और गंभीर हो जाती थी। अब करीब 60 लाख रुपये की परियोजना से रास्ता, रोशनी, पेयजल और अन्य सुविधाओं का विकास होने से इन समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।
शिलान्यास के साथ ही परियोजना को जल्द शुरू किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में स्थानीय लोगों की निगाहें अब निर्माण कार्य शुरू होने और उसे समय से पूरा कराने पर टिकी हैं। यदि योजना के मुताबिक सभी कार्य पूरे होते हैं तो आने वाले समय में वीर एकलव्य घाट तमसा नदी के किनारे एक विकसित, सुविधाजनक और आकर्षक धार्मिक स्थल के रूप में अपनी नई पहचान बना सकता है।
