
आजमगढ़। पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इनमें थाना रानी की सराय के प्रभारी निरीक्षक विमल प्रकाश राय, उप निरीक्षक गिरीश तिवारी, उप निरीक्षक हैदर अली मंसूरी तथा थाना निजामाबाद में तैनात आरक्षी वैभव पटेल शामिल हैं। चारों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
पुलिस के अनुसार थाना निजामाबाद में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 06/2026, धारा 123 व 351(2) बीएनएस से संबंधित मामले में शिकायत के निस्तारण और आरोपी के संबंध में आवश्यक पुलिस कार्रवाई व सत्यापन में लापरवाही सामने आई। आरोपी के जमानत पर रिहा होने के बाद उसका आवश्यक सत्यापन कर संबंधित सूचना यक्ष ऐप पर अपलोड किया जाना था, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया के तहत यह कार्रवाई नहीं की गई।
बताया गया कि जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को धमकी दी। इसके अलावा फर्जी आईडी बनाकर फोटो और वीडियो वायरल किए जाने की शिकायत भी सामने आई। मामले की समीक्षा के दौरान पाया गया कि आरोपी के संबंध में समय से सत्यापन और आवश्यक सूचना दर्ज नहीं की गई थी। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारी की ओर से अपने दायित्वों के निर्वहन में बरती गई शिथिलता को भी गंभीरता से लिया गया।
प्रकरण की समीक्षा के बाद एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने प्रथम दृष्टया पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, उदासीनता, स्वेच्छाचारिता और अकर्मण्यता पाए जाने पर चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अभियुक्तों के सत्यापन, जमानत के बाद उनकी निगरानी तथा संबंधित अभिलेख और ऐप पर आवश्यक सूचनाएं समय से दर्ज करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन और उत्तरदायित्व से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कर्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता, स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता या अकर्मण्यता सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
