
वहीं, बिलरियागंज स्थित सृष्टि चिकित्सालय में चार से पांच बेड लगे मिले, लेकिन निरीक्षण के दौरान न तो कोई मरीज मौजूद था और न ही संचालक मिला। इस पर विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान को नोटिस जारी कर उसके संचालन और पंजीकरण से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा ने स्पष्ट किया कि जिले में बिना वैध पंजीकरण के निजी चिकित्सालयों का संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। विशेषकर नवजात शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों का उपचार करने वाले प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का होना अनिवार्य है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपंजीकृत चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच और कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि निजी अस्पताल में उपचार कराने से पहले उसके वैध पंजीकरण और उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
