
आजमगढ़। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय आह्वान पर बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मानव श्रृंखला बनाकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) रद्द करने की मांग उठाई गई। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति के नाम पांच सूत्रीय ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी संतोष श्रीवास्तव को सौंपा।
प्रदर्शन से पहले भाकपा कार्यकर्ता कुंवर सिंह उद्यान में एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर रद्द करने, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और आजमगढ़ की मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के आधार पर पूरे प्रदेश की मतदाता सूची की गहन जांच कराने तथा देश में कानून, सुरक्षा और न्याय का राज कायम करने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर उत्तर से दक्षिण तक हाथों में हाथ डालकर मानव श्रृंखला बनाई। इस दौरान ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’, ‘लोकतंत्र में तानाशाही नहीं चलेगी’ और ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ जैसे नारे लगाए गए।
भाकपा के जिला सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय ने कहा कि इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट में दो सहायक चुनाव आयुक्तों की ओर से 14 बार असहमति जताए जाने की बात सामने आने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। इसी कारण भाकपा सहित देश के प्रमुख विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं।
भाकपा उत्तर प्रदेश राज्य परिषद के सदस्य हामिद अली ने मतदाता आवेदन फॉर्म-6 में कथित हेरफेर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जनता के भरोसे को ठेस पहुंची है। उन्होंने केंद्र सरकार पर मुख्य चुनाव आयुक्त को संरक्षण देने के लिए कानून बनाने का आरोप भी लगाया। साथ ही कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप प्रदेश में पंचायत चुनाव जल्द कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भाकपा इन मुद्दों पर जन आंदोलन जारी रखेगी।
प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष इम्तेयाज बेग, रामाज्ञा यादव, मंगलदेव, मोहम्मद शेख ओबेदुल्ला, बालेदीन यादव, खरपत्तू राजभर, लालचंद यादव, हीरालाल चौहान, मखडू राजभर, अशोक राय, अजय कुमार तिवारी, दुइज यादव, राम भुवाल, गुलाब मौर्य, सुरेश गुप्ता, मोहम्मद सऊद, राम हरख, दयाराम, मुकुंदी, प्रमिला और रूना सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
