
आजमगढ़। न्यायालय में पेशी के दौरान वर्ष 2008 में पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ 50 हजार रुपये का इनामी आरोपी आखिरकार 18 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। कोतवाली पुलिस ने बुधवार को उसे प्राइवेट बस अड्डे से गिरफ्तार किया। आरोपी एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में जिला कारागार में बंद था और पेशी के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। गिरफ्तारी पर डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र की ओर से 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित था।
पुलिस के अनुसार, देवगांव थाना क्षेत्र के खुरशु निवासी राकेश पाण्डेय उर्फ राजू (45) पुत्र रामानन्द पाण्डेय के खिलाफ वर्ष 2004 में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी मामले में गिरफ्तारी के बाद वह जिला कारागार आजमगढ़ में विचाराधीन बंदी था। 29 अप्रैल 2008 को न्यायालय में पेशी के दौरान वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। इसके बाद कोतवाली थाने में उसके खिलाफ मु0अ0सं0 504/2008 के तहत धारा 223/224 भादवि में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, फरारी के बाद आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा। बाद में वह मुंबई चला गया और वहां किराये के मकान में रहने लगा। पूछताछ में उसने बताया कि दीपावली के अवसर पर मुंबई से आजमगढ़ आया था। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय और चौकी प्रभारी रोडवेज सौरभ त्रिपाठी की टीम ने बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे उसे प्राइवेट बस अड्डे से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार की है और आगे की बात न्यायालय में अधिवक्ता के माध्यम से रखने की बात कही है। गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में कोतवाली पुलिस के साथ चोरी अनावरण और सर्विलांस टीम के सदस्यों ने भी सहयोग किया।
