
आजमगढ़। गोवंशीय पशुओं की तस्करी के मामले में इस्तेमाल किए गए ट्रक और डस्टर कार को जिला प्रशासन ने राज्य सरकार के पक्ष में जब्त कर लिया है। कंधरापुर पुलिस की प्रभावी पैरवी और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर जिलाधिकारी आजमगढ़ ने दोनों वाहनों के जब्तीकरण का आदेश पारित किया है। जब्त किए गए वाहनों में ट्रक संख्या UP62T5312 और डस्टर कार संख्या UP16AN3096 शामिल हैं। इस मामले में 30 नवंबर 2025 को ट्रक से 18 गोवंशीय पशु बरामद किए गए थे।
पुलिस के अनुसार, 30 नवंबर 2025 को एसओजी प्रभारी संजय कुमार सिंह अपनी टीम और थाना कंधरापुर पुलिस के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक में 18 गोवंशीय पशुओं को अवैध रूप से ले जाते हुए पकड़ा गया था। ट्रक के आगे-आगे एक डस्टर कार चल रही थी, जिसके जरिए तस्करी में शामिल लोग पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखते हुए रेकी कर रहे थे।
इस मामले में थाना कंधरापुर में आठ आरोपितों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 365/2025 के तहत बीएनएस की धारा 109(1), आयुध अधिनियम की धारा 3/25, गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5ए/8 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर द्वारा की गई। विवेचना के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर नामजद और प्रकाश में आए सभी आरोपितों के विरुद्ध 28 जून 2026 को आरोपपत्र न्यायालय भेज दिया गया था।
पुलिस ने विवेचना के दौरान यह भी पाया कि बरामद ट्रक और डस्टर कार का इस्तेमाल गोवंशीय पशुओं की तस्करी और अवैध परिवहन में किया गया था। दोनों वाहनों के स्वामी भी इस मुकदमे में नामजद आरोपित हैं। इसके बाद थाना कंधरापुर पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम की धारा 5(क) की उपधारा (7) के तहत दोनों वाहनों को जब्त करने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट और संबंधित अभिलेख भेजे थे।
पुलिस की रिपोर्ट और प्रस्तुत अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी ने 12 अक्टूबर 2026 को ट्रक और डस्टर कार को राज्य सरकार के पक्ष में सम्पहरण यानी जब्त करने का आदेश पारित कर दिया। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से गोवंश तस्करी जैसे अपराधों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का रास्ता मजबूत हुआ है।
आजमगढ़ पुलिस ने कहा है कि अपराध और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
