
आजमगढ़। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गुरुवार को सावित्रीबाई फुले राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में जनपद स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह का भव्य आयोजन किया गया। उत्सव और उल्लास के बीच जिले के 601 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इनमें 600 हिंदू जोड़ों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया, जबकि एक मुस्लिम जोड़े का निकाह पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ। इस दौरान मंगलगीतों और वैवाहिक रस्मों के बीच नवदंपत्तियों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नए जीवन की शुरुआत की।
समारोह में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार और मुख्य विकास अधिकारी कमलकिशोर देशभूषण कंडाकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उपहार भेंट किए और उनके सुखमय एवं समृद्ध दाम्पत्य जीवन की कामना की। आयोजन में जिले के सभी विकास खंडों और नौ नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों से चयनित जोड़ों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए मजबूत सहारा बन रही है। योजना के माध्यम से गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानजनक वातावरण में संपन्न कराने के साथ उन्हें आर्थिक संबल भी दिया जा रहा है। यह योजना सामाजिक समरसता, समानता और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक पात्र जोड़े के विवाह पर कुल एक लाख रुपये की सहायता और आयोजन संबंधी व्यय की व्यवस्था है। इसमें 64 हजार रुपये कन्या के सुखमय दाम्पत्य जीवन और गृहस्थी की स्थापना के लिए उसके बैंक खाते में अंतरित किए जाते हैं। वहीं, 21 हजार रुपये की उपहार सामग्री नवविवाहित जोड़े को दी जाती है। शेष 15 हजार रुपये प्रति जोड़ा भोजन, पंडाल, फर्नीचर, पेयजल, बिजली और प्रकाश सहित समारोह की अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं।
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दाम्पत्य जीवन की सफलता आपसी प्रेम, विश्वास, सम्मान और सहयोग पर निर्भर करती है। पति-पत्नी को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने सभी नवदंपत्तियों के सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्य विकास अधिकारी कमलकिशोर देशभूषण कंडाकर ने कहा कि विवाह जीवन का महत्वपूर्ण संस्कार है, जो दो व्यक्तियों को विश्वास, समर्पण और सहयोग के बंधन में बांधता है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना केवल विवाह आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समानता, समरसता और सामूहिक सहभागिता का भी सशक्त माध्यम है। इसके जरिए जरूरतमंद परिवारों को बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता के साथ सम्मानजनक अवसर मिल रहा है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने बताया कि जिले के सभी विकास खंडों और नौ नगर निकायों से चयनित कुल 601 जोड़ों का विवाह कराया गया है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग करना और समाज में सामाजिक समरसता एवं समानता को बढ़ावा देना है। इसके तहत विभिन्न समुदायों के पात्र जोड़ों को एक ही मंच पर विवाह का अवसर उपलब्ध कराया जाता है।
समारोह के दौरान पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। एक तरफ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह की रस्में पूरी कराई गईं तो दूसरी तरफ मुस्लिम जोड़े का निकाह संपन्न हुआ। शासन की ओर से आर्थिक सहायता और गृहस्थी के लिए उपहार सामग्री मिलने से लाभार्थी परिवारों में खुशी देखने को मिली। परिजनों ने इस योजना को जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत बताते हुए प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध कुमार सिंह, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शांत प्रकाश श्रीवास्तव, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़ों के परिजन मौजूद रहे।
