
आजमगढ़। हरिहरपुर कजरी महोत्सव के चौथे दिन भी कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। हरिहरपुर के कलाकार कमलेश मिश्र, अजय मिश्र, राजेश मिश्र, आदर्श मिश्र ने मां सरस्वती के समक्ष पुष्पा अर्चन की इसके बाद चौथे दिन का शुभारंभ छपरा घराना के महान संगीतज्ञ राम प्रकाश मिश्र ने दीप प्रज्जवलित कर किया। महोत्सव का आगाज बाल कलाकार शिव जी मिश्र द्वारा गणेश वंदना गीत गणेश को मनाईये की प्रस्तुति के साथ हुआ। महोत्सव में एक तरफ शास्त्रीय गायन तो दूसरी तरफ लोक गायन के कलाकारों ने कला की विधाओं से दर्शकों को रूबरू कराया और सबका दिल जीता।
छपरा के महान शास्त्रीय गायक पंडित श्रीराम प्रकाश मिश्र ने मेघ मल्हार ठुमरी व दादरा गीत की प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही रामप्रकाश मिश्र व तबला पर आनंद मिश्र के बीच की जुगलबंदी ने कलाकार के अर्दभुत अंदाज को प्रकट किया।
वहीं गोरखपुर से आये अंतर्राष्ट्रीय कलाकार राकेश श्रीवास्तव व उनकी टीम की जोड़ी ने अपने प्रस्तुतियों से महोत्सव में समां बांध दिया। इसके बाद कजरी गीत के माध्यम से राकेश श्रीवास्तव ने वीर सपूत शहीद जवानों पर अपने देश धरम पर बलि होकर झूल गईना झूलनवा से सबके आंखों का नम कर दिया। इसके बाद सांझे बोले चिरई सबेरे बोले मोरवा कोरवा छोड़िदा बालमा से सबका दिल जीता।
वाराणसी से आई आरती मिश्र ने मां सरस्वती वंदना हे मां शारदा भावनी व कजरी सावन में झूला पड़े चहुं ओर गाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वाराणसी से आये मेहमान कलाकार पुरूषोत्तम मिश्रने कजरी पियवा झुलावे झूला रोज सवना में सजनी गीत गाकर वाह-वाही लूटी। मेहमान कलाकार सर्वोत्तम मिश्र ने सितार राग काफी दु्रत ख्याल की प्रस्तुति दी। राजेश मिश्र ने कजरी गीत भोला देवा कब कब दरशनवा की प्रस्तुति से महोत्सव को शिवमय कर दिया। रजनीश पाठक द्वारा कजरी गी हरे रामा हरे कृष्ण भये की मनोहरि प्रस्तुति दी। शाह आल सांवरिया द्वारा गीत बरसन लागी रे बदरिया और राजू बाबा द्वारा मोरे पिछड़वा …. से सबको मंत्रुमुग्ध किया। वहीं प्रियंका वर्मा ने कैसे खेलूंगी मैं कजरी कृष्ण मुरारी संगवाना तो हरिकेश यादव ने लहर-लहरे सावनी बयरिया की प्रस्तुति दी। अरविन्द निषाद ने हरे रामा श्याम पहिर लिन्हो साड़ी….. व विषारद मिश्र ने मेरा घर आये सईंया सावन में…., गोरखपुर की कालाकार शालू मिश्र ने रिमझिम, रिमझिक बरसे बदरा सुनाकर सबका दिल जीता। इसके बाद अनंन मिश्रने कजरी गीत बरसन लागी बदरिया सुनाकर महफिल में चार चांद लगाया। वाराणसी क कलाकार अमृत मिश्र ने भोला के है काशी सब करें लो सावनवा में वासी, गोलू मिश्र ने कजरी गीत सईंया के भवनवा, पंकज मिश्र ने मेरे श्याम खेले राधा रानी संग सावन में कजरी सुनाया। केपी सांवला ने हरे रामा सावन झरी लागे तो तुषार सिंह ने बरसन लागे सावन बूंदिया राजा तो कलाकार संगीता भारती ने मोरे सईया गये परदेश, सचिन गिरी ने काहे झूलावे रामा झुलूआ देखी सावन में के जरिये सबको ऊर्जा से भरा दिया। गुड्डू राय द्वारा भोला देबा कब दरसनवा, दुर्गेश सिंह ने झूला झूले देखो सांवनी बयरिया सुनाया। रितिक शर्मा ने काहे श्याम नहीं आये तो वीरेंद्र गुप्ता ने सैया गये परदेश खेलब हम कैसे कजरी सुनाकर लोगों को भावुक किया। इसके बाद अरनव पांडेय, रंजना मिश्र, आनंद मिश्रा, अनूप मिश्रा, नीरज मिश्रा, अमृता मिश्रा ने भी एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति कर महफिल को झूमने पर विवश कर दिया। वहीं जनपद की तपस्या क्रियेटिव स्कूल के अभिषेक राय तोषी के निर्देशन में बच्चों का ग्रुप डांस देख सभी मुग्ध नजर आये।
अंत में हरिहरपुर घराना संगीत संस्थान आजमगढ अजय मिश्र, राजेश मिश्र, आछष्र मिश्र, शम्भुनाथ मिश्र, कमलेश मिश्र, आयुष मिश्रा, उदय मिश्रा, संदीप मिश्रा, विशाल मिश्र ने संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश शासन भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के साथ साथ आंगतुकों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर भारी संख्या में दर्शक व श्रोता मौजूद रहे।