


आजमगढ़ । करीब 22 वर्ष पूर्व रानी की सराय थाना में पूछताछ के लिए लाए गए आरोपी की रात में दस बजे हुई हत्या के मामले ने तब तूल पकड़ लिया था। तत्कालीन अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए थे। पहले मामले को अन्य रुप देने का प्रयास किया गया। कहा गया कि गलती से गोली चल गई थी। आरोपी का पुत्र खाना लेकर अपने रिश्ततेदार संग आया था। लेकिन लोगों के विरोध के बाद कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। रानी की सराय थाना में भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। दोनों मुकदमा को मर्ज किया गया। बाद में सीबीसीआईडी जांच करने लगी। 4 फरवरी 2026 को तत्कालीन SO जेके सिंह को कोर्ट ने आजीवन कारावास और 1 लाख 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
दिनांक 30.03.2003 को वादी मुकदमा जितेन्द्र यादव पुत्र स्व0 हरिलाल यादव निवासी ग्राम दौलतपुर, थाना मेंहनगर, द्वारा रानी की सराय थाना पर लिखित तहरीर दी गई कि दिनांक 29.03.2003 की सायं अभियुक्तगण 1- जयेन्द्र कुमार सिंह पुत्र विरेन्द्र कुमार सिंह निवासी ग्राम छितौनी, थाना चौबेपुर, जनपद वाराणसी, तत्कालीन थानाध्यक्ष थाना रानी की सराय (सेवानिवृत्त) तथा 2- हे0का0प्रो0 नरेन्द्र बहादुर सिंह ( अब मृत) द्वारा वादी के पिता हरिलाल यादव को उनके घर से पकड़कर पूछताछ हेतु थाना रानी की सराय ले जाया गया। आरोप है कि रात्रि लगभग 10 बजे थानाध्यक्ष जयेन्द्र कुमार सिंह के उकसाने पर हे0का0 नरेन्द्र बहादुर सिंह द्वारा रिवाल्वर से गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल हरिलाल यादव को उपचार हेतु सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
अभियुक्त के विरूद्ध थाना रानी की सरांय पर मु0अ0सं0- 105/2003 धारा-302,342,504 भादवि पंजीकृत किया गया ।
अभियुक्त के विरूद्ध आरोप पत्र मा0 न्यायालय में दाखिल किया गया ।
मुकदमे उपरोक्त मे 11 गवाहो को परीक्षित कराया गया ।
जिसके क्रम में दिनांक- 04.02.2026 को मा0 न्यायालय जनपद न्यायाधीश कोर्ट आजमगढ़ द्वारा मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित अभियुक्त जयेन्द्र कुमार सिंह पुत्र विरेन्द्र कुमार सिंह निवासी ग्राम छितौनी, थाना चौबेपुर, जनपद वाराणसी को दोषसिद्ध पाते हुए अभियुक्त को आजीवन कारावास व मु0 105000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।
