आजमगढ़ में जॉइंट कमिश्नर पर लगा घूस मांगने का आरोप, जीएसटी कार्यक्रम के दौरान लगे आरोप से कमिश्नर ने किया इंकार

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आजमगढ़ में जीएसटी विभाग की ओर से शनिवार को हरिऔध कला केंद्र में व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब एक व्यक्ति ने ज्वाइंट जीएसटी कमिश्नर पर 2 लाख रुपये घूस मांगने का आरोप लगाया। हालांकि कमिश्नर ने उस व्यक्ति के आरोपों को निराधार बताते हुए इस कार्यक्रम में फिल्म से जोड़कर रोमांच पैदा करने वाला कदम बताया। कमिश्नर पर रिश्वत लेने के आरोप लगाते हैं पूरे हाल में कुछ देर के लिए सन्नाटा पसर गया।

शासन के निर्देश पर चल रही थी कार्यशाला
आजमगढ़ में शासन के निर्देश पर जीएसटी विभाग की ओर से आजमगढ़ जिले के हरिऔध कला केंद्र में व्यापारी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पंजीकृत व अपंजीकृत व्यापारीगण सम्मिलित हुए। मेगा सेमिनार में प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना के तहत व्यापारियों को मिलने वाली पेंशन व मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के बारे में तथा साथ ही जीएसटी रिटर्न के सरलीकरण से अवगत कराया गया। इस कार्यक्रम में ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी के साथ ही मुख्य राजस्व अधिकारी भी मौजूद रहे। मंच के जरिए व्यापारी अपनी बातों को रख रहे थे। इसी दौरान बजरंग बहादुर सिंह को मंच पर बुलाया गया। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने खुद को भाजपा नेता बताते हुए ज्वाइंट जीएसटी कमिश्नर श्रीराम सरोज पर 2 लाख रुपये घूस मांगने का आरोप लगा दिया। इसके बाद कार्यक्रम में हंगामा मच गया। बजरंग बहादुर सिंह ने बताया कि 2024 में हमारे भतीजे की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। शासन की ओर से सीएम दुर्घटना बीमा योजना के तहत व्यापारियों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि मिलती है। फाइल लगाई और जब इनसे मिलने गए तो इन्होंने कहा कि हमसे मत मीलिए जाके शुक्ला जी से मीलिए। जब हम इनके चंगु-मंगु के पास पहुंचते तो उनके द्वारा दो लाख रुपये की मांग की जाती थी। पैसा न मिलने पर इनके द्वारा हमारी फाइल को रिजेक्ट कर दिया गया। आज हमने मंच के जरिए अपनी बात को उठाई, आगे हम इसकी शिकायत डीएम और सीएम से भी करेंगे।

कमिश्नर ने आरोपो को बताया बेबुनियाद

इस संबंध में लगे आरोप को लेकर पूछे जाने पर ज्वाइंट जीएसटी कमिश्नर श्रीराम सरोज ने पूरे घटनाक्रम की तुलना फिल्म से कर दी। उन्होंने कहा कि एक फिल्म में एक हीरो होता है, एक विलेन होता है। फिल्म तब बनती है जब उसमें विलेन भी हों। उन्होंने कार्यक्रम का रोमांच भी बढ़ाया। बाकी श्रीराम सरोज क्या हैं। इसे आपने कार्यक्रम में सुना। श्रीराम सरोज पूरी तरह से सोने पर खरा हैं। इस व्यवहार के लिए उनकी आत्मा पर चोट होगी। इनके द्वारा जिस बीमा योजना की बात की जा रही है। उसे शासन स्तर से ही खारिज किया जा चुका है। यह सारे आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। वह कौन हैं मैं उन्हें जानता भी नहीं हूं।

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