आजमगढ़ में गैस एजेंसी पर बड़ा खुलासा, 642 सिलेंडरों की कालाबाजारी, गोदाम सील, मुकदमा दर्ज करने का निर्देश

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आजमगढ़ पटवध से बबलू राय : जनपद में घरेलू गैस आपूर्ति को लेकर चल रही जांच के बीच बिलरियागंज ब्लॉक स्थित तौहीद इंडेन ग्रामीण वितरक बनकट पर बड़े पैमाने पर अनियमितता और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। प्रशासनिक जांच में 642 गैस सिलेंडरों के स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद गोदाम को सील कर दिया गया और एजेंसी संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर 16 मार्च 2026 को आपूर्ति विभाग के सप्लाई इंस्पेक्टर संतोष शर्मा की टीम ने संबंधित गैस एजेंसी के गोदाम का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान एजेंसी का कार्यालय खुला मिला, लेकिन ऑपरेटर ने बताया कि 10 मार्च से गैस की आपूर्ति नहीं हुई है और पिछले 6 दिनों से वितरण पूरी तरह बंद है।
जब टीम ने स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक स्थिति का मिलान किया तो बड़ा अंतर सामने आया। रिकॉर्ड के अनुसार जहां 724 घरेलू (14.2 किग्रा) सिलेंडर गोदाम में होने चाहिए थे, वहीं मौके पर मात्र 276 खाली सिलेंडर मिले। इसी तरह अन्य श्रेणियों में भी भारी कमी पाई गई।
जांच में सामने प्रमुख गड़बड़ियां पाई गई।
14.2 किग्रा के घरेलू सिलेंडर: 599 कम
19 किग्रा के कमर्शियल सिलेंडर: 43 कम
5 किग्रा घरेलू सिलेंडर: 5 कम
अन्य श्रेणियों में भी स्टॉक में अंतर
जांच के दौरान ऑनलाइन स्टॉक और भौतिक स्टॉक में भी बड़ा अंतर पाया गया, जिससे कालाबाजारी की आशंका और मजबूत हो गई। मौके पर मौजूद गोदाम के केयरटेकर रफीउल्लाह ने भी स्वीकार किया कि गोदाम में कुल 417 सिलेंडर ही मौजूद थे और सभी खाली थे।
इसके अलावा, निर्गमन रजिस्टर में सिलेंडरों के वितरण की प्रविष्टियां तो दर्ज मिलीं, लेकिन संबंधित हॉकरों के हस्ताक्षर नहीं पाए गए, जिससे वितरण प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी सगड़ी, क्षेत्राधिकारी सगड़ी और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे गोदाम को सील कर दिया गया। सभी सिलेंडरों को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।
प्राथमिक जांच में स्पष्ट हुआ कि एजेंसी संचालकों द्वारा नाजायज लाभ कमाने के उद्देश्य से सिलेंडरों की कालाबाजारी की गई है, जो द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का उल्लंघन है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद एजेंसी संचालक तौहीद और शबाना बानो के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी

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