






आजमगढ़ में भाजपा कार्यकारिणी में हत्या के आरोपी को जिला मंत्री का पद देने से विवाद खड़ा हो गया है। जिला मंत्री बनाए गए लालचंद यादव पर आरोप है कि उसने 2020 में प्रधानी के चुनाव के दौरान महाराजगंज थाना क्षेत्र के गोंदापुर गांव निवासी ओमकार दुबे नाम के शख्स की हत्या कर दी थी। इस मामले में महाराजगंज थाने में 19 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
इसमें लालचंद यादव का नाम भी शामिल था। अब लाल चंद यादव को भाजपा जिला मंत्री बनाया गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की स्वीकृति मिलने के बाद 2 अप्रैल की देर रात जिला कार्यकारी और जिला कार्य समिति की घोषणा
की गई थी।
भाजपा की इस नई कार्य समिति में 31 पदाधिकारी बनाए गए है, जिनमें हत्या के आरोपी लालचंद यादव को भी पदाधिकारी बनाया गया है।
भाजपा कार्यकारिणी में शामिल लालचंद यादव पर 2020 में प्रधानी के चुनाव में ओमकार दुबे की हत्या करने का आरोप लगा था। ओमकार दुबे उस दौरान भाजपा के बूथ अध्यक्ष थे। उस दौरान उस बूथ पर भाजपा मजबूत थी ।
इस मामले में मीडिया से बातचीत करते हुए ओमकार दुबे के भाई नागेंद्र दुबे ने बताया- कानून व्यवस्था के लिए भारतीय जनता पार्टी जानी जाती है, लेकिन जिस तरह से आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति को भाजपा कार्यकारिणी में पदाधिकारी बनाया गया है वह निश्चित रूप से दुखद है।
हमारी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से अपील है कि ऐसे अपराधी प्रवृत्ति के पदाधिकारी को पार्टी से निकालकर इसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
बाइट : नागेंद्र दुबे, मृतक ओमकार दुबे के भाई
वही इस मामले में भारतीय जनता पार्टी आजमगढ़ के जिला अध्यक्ष ध्रुव सिंह ने मोबाइल पर हुई बातचीत में कहा कि किसी भी व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज होने से वह अपराधी नहीं हो जाता है जब तक की न्यायालय से वह दोषी साबित ना हो जाय। उन्होंने कहा कि लालचंद यादव के खिलाफ 2020 में प्रधानी चुनाव के दौरान रंजिशन मुकदमा दर्ज कराया गया था, लालचंद यादव अपराधी प्रकृति के नहीं है।
इस मामले में समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर बड़ा हमला किया है समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अशोक यादव का कहना है कि जब योगी मंत्रिमंडल में 49% प्रतिशत मंत्री दागी हैं तो संगठन में तो दागदार लोग रहेंगे ही। कहा की भारतीय जनता पार्टी विपक्ष के नेता को तो तुरंत दोषी मान देती है लेकिन जब बात अपने पर आती है तो कोर्ट का हवाला देती है।
