






आजमगढ़, 03 मई 2026। आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से आजमगढ़ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25,000 रुपये के इनामी फरार बंदी को गिरफ्तार कर लिया। हत्या के मामले में निरुद्ध यह आरोपी मेडिकल के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 दिसंबर 2025 को जिला कारागार आजमगढ़ के जेलर अनिल कुमार पाण्डेय की तहरीर पर थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें बताया गया था कि हत्या के मामले में बंदी उदय पुत्र जसवन्त को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला चिकित्सालय ले जाया गया था, जहां से वह पुलिस कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया।
मामले में थाना कोतवाली पर मु0अ0सं0- 648/25 धारा 261/262 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई। लगातार प्रयासों के बावजूद गिरफ्तारी न होने पर 01 मई 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार द्वारा आरोपी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया।
इसी बीच पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में विकसित यक्ष ऐप और फेस रिकग्निशन तकनीक के जरिए पुलिस को अहम सुराग मिला। इसके आधार पर थाना रौनापार पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए 03 मई 2026 को सुबह करीब 08:15 बजे हैदराबाद बंधा चौराहा से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान उदय (उम्र लगभग 49 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गोरखपुर जनपद का निवासी है और उसका स्थायी पता अहमदाबाद (गुजरात) में भी दर्ज है।
आपराधिक इतिहास
मु0अ0सं0-120/17 धारा 302/201 भादवि थाना फरेंदा, महराजगंज
मु0अ0सं0-648/25 धारा 261/262 बीएनएस थाना कोतवाली, आजमगढ़
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय भेजा जा रहा है।
इस सराहनीय कार्रवाई में थाना रौनापार के थानाध्यक्ष सुनील कुमार दुबे सहित पुलिस टीम के अन्य जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
👉 निष्कर्ष:
आजमगढ़ पुलिस द्वारा तकनीक के उपयोग से अपराधियों की गिरफ्तारी का यह मामला साबित करता है कि आधुनिक साधनों के जरिए अब फरार अपराधियों के लिए बचना बेहद मुश्किल होता जा रहा है।
