






आजमगढ़ जनपद के महाराजगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सरदार बाजार में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक पिकअप वाहन में ठूंस-ठूंसकर ले जाए जा रहे मवेशियों की बेहद दर्दनाक हालत सामने आई। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर दिया, बल्कि पशु क्रूरता को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि सैदपुर गांव से तेरही गौशाला ले जाए जा रहे मवेशियों को क्षमता से कई गुना अधिक संख्या में वाहन में भरा गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप में करीब 17 मवेशियों को बेहद बेरहमी से ठूंस दिया गया था, जबकि ऐसे वाहन में सामान्यतः 3 से 4 पशुओं को ही सुरक्षित तरीके से ले जाया जा सकता है।
स्थिति इतनी भयावह थी कि एक बछड़ा वाहन के पिछले हिस्से से लटका हुआ था और किसी भी समय गिर सकता था। जब ग्रामीणों की नजर इस पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत वाहन को रुकवाया।
तलाशी के दौरान सामने आया कि लगभग पांच मवेशी अधमरी अवस्था में पड़े थे—कुछ की सांसें चल रही थीं, तो कुछ पूरी तरह निढाल हो चुके थे। यह दृश्य देख मौके पर मौजूद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह काम गौशाला के एक जिम्मेदार पदाधिकारी (सेक्रेटरी) के निर्देश पर किया जा रहा था, जो मवेशियों को एक पशुशाला से दूसरी पशुशाला में भेजने के नाम पर उनकी जान से खिलवाड़ कर रहा था। लोगों ने इसे न सिर्फ पशु क्रूरता बल्कि मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध बताया।
घटना की सूचना के बाद स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मौके पर आशुतोष सिंह, सच्चा सिंह, सनी सिंह, अवनीश सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब तक बेजुबान जानवरों के साथ इस तरह का व्यवहार होता रहेगा और जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी कब निभाएंगे।
