






आजमगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की अपील का असर अब प्रशासनिक व्यवस्था में भी दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने सोमवार को एक सराहनीय पहल करते हुए शासकीय वाहन की बजाय ई-रिक्शा से कलेक्ट्रेट पहुंचकर सादगी, मितव्ययिता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
सोमवार को जिलाधिकारी अपने सहायक के साथ ई-रिक्शा से कलेक्ट्रेट पहुंचे। इसके बाद उन्होंने नियमित जनता दर्शन कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी की इस पहल को कर्मचारियों और आम लोगों ने काफी सराहा। लोगों का कहना है कि यह कदम न केवल ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश देता है, बल्कि सरकारी संसाधनों के मितव्ययी उपयोग की भी प्रेरणा देता है।
उल्लेखनीय है कि हाल के वैश्विक हालात और युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक प्रयोग करने और अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचने की अपील की है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर सादगी और मितव्ययिता का संदेश दे चुके हैं।
ऐसे में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की यह पहल प्रशासनिक सादगी और जनजागरूकता का प्रभावी उदाहरण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इससे अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी सार्वजनिक परिवहन अपनाने तथा ऊर्जा संरक्षण के प्रति प्रेरित होंगे।
