






आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ की मार्टिनगंज तहसील एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा में है। तहसील में लगातार राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर रिश्वतखोरी के आरोप सामने आने से पूरे तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। ताजा मामला कानूनगो रामबचन यादव के कथित रिश्वत वीडियो का है, जिसके वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि वीडियो में कथित तौर पर रिश्वत का लेन देन करवाते हुए दिखाई देने के बावजूद अब तक न तो कोई बड़ी विभागीय कार्रवाई हुई है और न ही एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि मामले को केवल पैसे वापस कराकर शांत कराने की कोशिश की गई।
गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी मार्टिनगंज तहसील में कई अधिकारी और कर्मचारी रिश्वतखोरी के आरोपों में घिर चुके हैं।
कुछ दिन पूर्व कानूनगो जयप्रकाश यादव को एंटी करप्शन टीम ने ₹5000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके अलावा कानूनगो जुल्फेकार अहमद का कथित रिश्वत लेते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था। वहीं लेखपाल वैभव आनंद सिंह पर कैंसर पीड़ित व्यक्ति से जमीन पट्टा कराने के नाम पर रिश्वत मांगने और लेने के आरोप लगे थे।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद अब सवाल केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर उठने लगा है। जनता पूछ रही है कि आखिर एक ही तहसील में बार-बार भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बावजूद व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं हो रहा है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की गई, तो इससे यह संदेश जाएगा कि तहसील में भ्रष्टाचार करने वालों को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है और आम जनता न्याय के बजाय समझौते के लिए मजबूर है।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग निष्पक्ष जांच व कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
